सुपौल: मानसून के आगमन के साथ संभावित बाढ़ और सुखाड़ की चुनौतियों से निपटने के लिए सुपौल जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। शुक्रवार को समाहरणालय स्थित लहटन चौधरी सभागार में जिलाधिकारी सावन कुमार की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जल संसाधन, आपदा प्रबंधन और अन्य संबंधित विभागों की तैयारियों की बिंदुवार समीक्षा की गई।
जिले के सभी छह जल संसाधन प्रमंडलों के कार्यपालक अभियंताओं ने बाढ़ पूर्व कराए गए कटाव निरोधी कार्यों की जानकारी दी। अधिकारियों के अनुसार सभी आवश्यक सुरक्षात्मक कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरे कर लिए गए हैं। जिलाधिकारी ने संवेदनशील और अतिसंवेदनशील तटबंधों का नियमित निरीक्षण करने के साथ प्रत्येक निरीक्षण स्थल पर उपस्थिति पंजी संधारित करने का निर्देश दिया।
कोसी नदी के पश्चिमी तटबंध की सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। सभी एसडीएम और सीओ को बाढ़ प्रभावित एवं नदी किनारे बसे गांवों का लगातार दौरा करने और कटाव या जलस्तर में अचानक वृद्धि की सूचना तत्काल जिला नियंत्रण कक्ष को देने को कहा गया है।

बैठक में संभावित सुखाड़ से निपटने की तैयारियों पर भी चर्चा हुई। डीएम ने जल संरक्षण, सिंचाई व्यवस्था, ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति और किसानों के लिए आवश्यक उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि आपदा प्रबंधन में किसी भी स्तर की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और कोताही पाए जाने पर जवाबदेही तय की जाएगी।
@MUSKAN KUMARI






