राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी के पटना स्थित राज्य कार्यालय में शनिवार को पार्टी के संस्थापक एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री पद्म भूषण Ram Vilas Paswan की 80वीं जयंती श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। इस अवसर पर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष Pashupati Kumar Paras, राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष Prince Raj, प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद Chandan Singh समेत कई वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने रामविलास पासवान के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पशुपति कुमार पारस ने कहा कि रामविलास पासवान सामाजिक समरसता, सादगी और राजनीतिक शुचिता के प्रतीक थे। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने पूरे राजनीतिक जीवन में समाज के हर वर्ग, विशेषकर दलितों, वंचितों और शोषितों के अधिकारों के लिए संघर्ष किया। पारस ने केंद्र सरकार से मांग की कि रामविलास पासवान के योगदान को देखते हुए उन्हें देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया जाना चाहिए।
राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष प्रिंस राज ने कहा कि भारतीय राजनीति में रामविलास पासवान जैसा नेता मिलना कठिन है। उन्होंने कहा कि वे दलितों, शोषितों और पीड़ितों के अधिकारों की सबसे मजबूत आवाज थे और उन्हें “देश के दूसरे अंबेडकर” के रूप में हमेशा याद किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि Atal Bihari Vajpayee सरकार के दौरान उनकी पहल पर दलितों को पदोन्नति में आरक्षण का लाभ मिला।

प्रदेश अध्यक्ष चंदन सिंह ने कहा कि सात केंद्र सरकारों में कैबिनेट मंत्री रहने के बावजूद रामविलास पासवान ने कभी सत्ता को प्राथमिकता नहीं दी। उन्होंने 2002 के गुजरात दंगों के बाद सिद्धांतों के आधार पर केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा देकर राजनीतिक मूल्यों की मिसाल पेश की। कार्यक्रम में पार्टी के कई राष्ट्रीय और प्रदेश पदाधिकारियों सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने भाग लेकर रामविलास पासवान को श्रद्धांजलि अर्पित की।
@MUSKAN KUMARI






