पटना, बिहार: 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास को लेकर बिहार की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शेखपुरा में पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकारी बंगला किसी की “बपौती” नहीं होता।
उन्होंने कहा कि कुछ लोग सरकारी आवास को निजी संपत्ति समझ बैठे हैं। सम्राट चौधरी ने तंज कसते हुए कहा, “कहीं बेटे के लिए अलग घर चाहिए और मां के लिए अलग घर चाहिए, लेकिन सरकारी बंगला छोड़ने की बात आती है तो समस्या हो जाती है।”
मुख्यमंत्री ने अपने राजनीतिक जीवन का जिक्र करते हुए कहा कि वे कई बार मंत्री और गृह मंत्री रहे, लेकिन हमेशा सीमित सरकारी आवास में रहे। उन्होंने यह भी कहा कि जब वे मुख्यमंत्री आवास में गए, तो उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि वहां लिखा जाए कि यह लोकसेवक का आवास है, किसी की निजी संपत्ति नहीं।
उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का उदाहरण देते हुए कहा कि पद छोड़ने के बाद उन्होंने बिना किसी नोटिस के सरकारी आवास खाली कर दिया था।

इस बीच, बिहार सरकार ने 10 सर्कुलर रोड स्थित आवास को खाली करने के लिए लालू परिवार को 15 दिनों का अंतिम अल्टीमेटम दिया है। भवन निर्माण विभाग की ओर से पहले भी 25 नवंबर 2025 को नोटिस जारी किया गया था, लेकिन अब तक आवास खाली नहीं किया गया है।
जानकारी के अनुसार, इस आवास में पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव रह रहे हैं। वहीं सरकार की ओर से राबड़ी देवी को 39 हार्डिंग रोड स्थित नया सरकारी आवास आवंटित किया जा चुका है।
विभाग का कहना है कि बार-बार आग्रह के बावजूद पुराने आवास को खाली नहीं किया गया, जिसके बाद अब सख्त रुख अपनाया गया है।
वहीं राबड़ी देवी पहले ही स्पष्ट कर चुकी हैं कि वे किसी भी हाल में 10 सर्कुलर रोड का आवास खाली नहीं करेंगी और यदि जरूरत पड़ी तो सरकार फोर्स लगाकर भी कार्रवाई कर सकती है।
इस पूरे विवाद ने बिहार की राजनीति में नया तनाव पैदा कर दिया है और आने वाले दिनों में इस पर सियासी टकराव और बढ़ने की संभावना है।
@MUSKAN KUMARI





