बिहारशरीफ (नालंदा): जिला मुख्यालय बिहारशरीफ में अवैध गैस रिफिलिंग का कारोबार तेजी से फैलता जा रहा है। शहर के मुख्य बाजारों से लेकर गली-मोहल्लों तक छोटे सिलेंडरों में खुलेआम एलपीजी गैस भरी जा रही है, जिससे सबसे अधिक प्रभावित छात्र और किरायेदार हो रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, पहले छोटे सिलेंडरों में गैस 80 से 85 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से मिलती थी, लेकिन अब कथित कमी और बाजार हालात का हवाला देकर 200 से 225 रुपये प्रति किलोग्राम तक वसूली की जा रही है। इससे छात्रों और निम्न आय वर्ग के लोगों पर आर्थिक बोझ काफी बढ़ गया है।
शहर के रामचंद्रपुर, गांधी नगर समेत कई छात्र-बहुल इलाकों में जनरल स्टोर और छोटी दुकानों के जरिए बड़े घरेलू सिलेंडरों से छोटे सिलेंडरों में अवैध रूप से गैस रिफिलिंग का काम किया जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कारोबार लंबे समय से बिना रोक-टोक के चल रहा है।
जानकारी के मुताबिक, बिहारशरीफ में विभिन्न जिलों से आए लगभग 20 से 22 हजार छात्र-छात्राएं पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, जिनमें से 80 से 85 प्रतिशत के पास घरेलू गैस कनेक्शन नहीं है। ऐसे में वे पूरी तरह छोटे सिलेंडरों पर निर्भर हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, बिना सुरक्षा मानकों के इस तरह गैस रिफिलिंग करना बेहद खतरनाक है और इससे आग या विस्फोट जैसी बड़ी दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। इसके बावजूद यह अवैध कारोबार खुलेआम जारी है।
छात्रों और स्थानीय लोगों ने प्रशासन से इस पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही वैध और सुरक्षित गैस आपूर्ति व्यवस्था सुनिश्चित करने की भी मांग उठाई गई है, ताकि छात्रों को आर्थिक शोषण और खतरे से बचाया जा सके।
बिहारशरीफ पिछले कई वर्षों से नालंदा सहित आसपास के जिलों के छात्रों के लिए एक प्रमुख शैक्षणिक केंद्र बन चुका है, जहां बड़ी संख्या में युवा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। ऐसे में यह समस्या उनके लिए गंभीर चुनौती बनती जा रही है।
@MUSKAN KUMARI






