1 अप्रैल 2026 से बिहार में AI आधारित जमीन सर्वे शुरू

एशियन टाइम्स स्पेशल रिपोर्ट

बिहार में AI  बदलेगा जमीन सर्वे सिस्टम, 1 अप्रैल 2026 से नई तकनीक की शुरुआत

रिपोर्ट: Tanvir Alam Sheikh

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बिहार सरकार अब जमीन सर्वे और राजस्व प्रशासन को पूरी तरह हाईटेक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। राज्य सरकार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI और Deep Search तकनीक का इस्तेमाल करके जमीन रिकॉर्ड, सर्वे और राजस्व कार्यों को तेज, पारदर्शी और अधिक सटीक बनाने की तैयारी कर रही है।

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने इस दिशा में सभी जिलों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। सरकार का लक्ष्य है कि 1 अप्रैल 2026 से बिहार में AI आधारित जमीन सर्वे और राजस्व प्रशासन का प्रारंभिक उपयोग शुरू कर दिया जाए।

बिहार के हर जिले में बनेगा AI Cell

सरकार की योजना के तहत बिहार के सभी जिलों में विशेष AI Cell बनाया जाएगा। यह सेल बंदोबस्त कार्यालय में स्थापित होगा और इसका मुख्य उद्देश्य जमीन सर्वे, रिकॉर्ड प्रबंधन और डेटा विश्लेषण में आधुनिक तकनीक का उपयोग करना होगा।

इस टीम में बंदोबस्त पदाधिकारी, IT Manager, कानूनगो, अमीन और विशेष सर्वेक्षण अधिकारी शामिल होंगे। ये सभी मिलकर यह तय करेंगे कि AI और Deep Search तकनीक का इस्तेमाल करके जमीन रिकॉर्ड को किस तरह अधिक सुरक्षित और भरोसेमंद बनाया जाए।

क्या है Deep Search तकनीक?

Deep Search एक एडवांस डिजिटल सिस्टम है जो लाखों रिकॉर्ड, नक्शे और डेटा की गहराई से जांच करने में सक्षम होता है।

इस तकनीक की मदद से:

पुराने खतियान और नक्शों की स्कैनिंग होगी

फर्जी रिकॉर्ड और डुप्लीकेट एंट्री पकड़ी जा सकेगी

जमीन विवाद वाले क्षेत्रों की पहचान आसान होगी

रिकॉर्ड की गलतियों को तेजी से सुधारा जा सकेगा

AI आधारित सिस्टम सैटेलाइट मैप, ड्रोन सर्वे और GPS डेटा का भी उपयोग कर सकता है, जिससे जमीन की वास्तविक स्थिति और रिकॉर्ड का मिलान अधिक सटीक तरीके से किया जा सकेगा।

जमीन विवाद और भ्रष्टाचार पर लग सकती है रोक

बिहार में लंबे समय से जमीन विवाद, गलत रिकॉर्ड और फर्जी रजिस्ट्री बड़ी समस्या रहे हैं। कई बार लोगों को वर्षों तक जमीन रिकॉर्ड सही कराने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि AI और Deep Search तकनीक लागू होने के बाद रिकॉर्ड की जांच तेजी से होगी और अवैध कब्जा, गलत म्यूटेशन तथा फर्जी दस्तावेजों की पहचान आसान हो सकती है। इससे भ्रष्टाचार कम होने और प्रशासनिक पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।

हर शनिवार होगी AI Cell की समीक्षा बैठक

राजस्व विभाग ने निर्देश दिया है कि AI Cell की नियमित समीक्षा के लिए हर शनिवार दोपहर 3 बजे से 5 बजे तक बैठक आयोजित की जाएगी।

इन बैठकों में यह देखा जाएगा कि AI तकनीक का इस्तेमाल जमीन सर्वे और राजस्व कार्यों में किस तरह किया जा रहा है और किन क्षेत्रों में सुधार की जरूरत है। साथ ही कर्मचारियों को AI आधारित ट्रेनिंग भी दी जाएगी। प्रशिक्षण के बाद परीक्षा आयोजित होगी और सफल अधिकारियों को प्रमाणपत्र दिया जाएगा।

1 अप्रैल 2026 से शुरू होगा AI आधारित सिस्टम

राजस्व विभाग ने सभी जिलों को निर्देश दिया है कि 1 अप्रैल 2026 से AI आधारित राजस्व प्रशासन शुरू करने की तैयारी पूरी कर ली जाए। इसके लिए AI टूल्स की सूची भी जिलों को भेजी जा चुकी है।

अगर यह योजना सफल होती है, तो आने वाले समय में बिहार का जमीन सर्वे और राजस्व प्रशासन पूरी तरह डिजिटल और तकनीक आधारित व्यवस्था की ओर बढ़ सकता है। इससे लोगों को जमीन से जुड़े मामलों में राहत मिलने और सरकारी कामकाज में तेजी आने की उम्मीद है।

Noida Desk
Author: Noida Desk

मुख्य संपादक (Editor in Chief)

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