भारतीय CEO नियुक्ति की प्रक्रिया तेज, सुरक्षा मंजूरी मिलते ही खुलेगा उड़ानों का रास्ता
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नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ान सेवाएं शुरू होने का रास्ता अब लगभग साफ हो गया है। खबरों के मुताबिक, 30 मई से यहां से विमानों का संचालन शुरू किया जा सकता है।
एयरपोर्ट संचालित करने वाली कंपनी यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड की हालिया बोर्ड बैठक में इस दिशा में अहम फैसला लिया गया है। सबसे बड़ी बाधा एयरपोर्ट के CEO को लेकर थी, जिसे अब दूर करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
दरअसल, भारतीय विमानन नियमों के अनुसार किसी भी एयरपोर्ट का CEO भारतीय नागरिक होना जरूरी है, क्योंकि वही वहां का मुख्य सुरक्षा अधिकारी भी होता है। मौजूदा CEO क्रिस्टोफ स्नेलमन विदेशी नागरिक हैं, जिसके चलते सुरक्षा मंजूरी अटकी हुई थी।
सूत्रों के अनुसार, अब कंपनी जल्द ही एक भारतीय विशेषज्ञ को CEO नियुक्त करने जा रही है। जैसे ही यह प्रक्रिया पूरी होगी, ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी से अंतिम सुरक्षा मंजूरी मिल जाएगी और उड़ान संचालन शुरू हो सकेगा।
विमानन मंत्रालय के नियमों के मुताबिक, एयरोड्रम लाइसेंस मिलने के बाद आमतौर पर उड़ानें शुरू करने में करीब 45 दिन का समय लगता है। एयरपोर्ट को 11 मार्च को लाइसेंस मिल चुका है, जबकि 28 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसका उद्घाटन किया था।
पहले अप्रैल के अंत तक उड़ानें शुरू होने की योजना थी, लेकिन तकनीकी कारणों से इसमें देरी हुई। अब 30 मई को नई संभावित तारीख तय की गई है। इस बीच एयरलाइंस कंपनियां स्टाफ, पायलट और विमानों की तैयारी पूरी करेंगी और टिकट बुकिंग भी जल्द शुरू होने की उम्मीद है।
@MUSKAN KUMARI







