नई दिल्ली:
हवाई यात्रा करने वालों के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए फ्लाइट में 60% सीटें बिना अतिरिक्त शुल्क देने के प्रस्ताव को फिलहाल स्थगित कर दिया है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने इस संबंध में नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) को निर्देश जारी कर कहा है कि इस प्रावधान को अगले आदेश तक लागू न किया जाए।
फिलहाल नहीं बनेगा एयरलाइंस पर दबाव
मंत्रालय के मुताबिक, इस फैसले पर अभी व्यापक समीक्षा जारी है। जब तक सभी पहलुओं की जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक एयरलाइंस कंपनियों पर 60% सीटें मुफ्त देने का कोई दबाव नहीं रहेगा। इससे सस्ती हवाई यात्रा की उम्मीद कर रहे यात्रियों को फिलहाल झटका लगा है।
एयरलाइंस के विरोध के बाद बदला फैसला
दरअसल, 18 मार्च को मंत्रालय ने DGCA के जरिए एयरलाइंस को निर्देश दिया था कि हर फ्लाइट में कम से कम 60% सीटें बिना अतिरिक्त शुल्क के उपलब्ध कराई जाएं। लेकिन फेडरेशन ऑफ इंडियन एयरलाइंस और अकासा एयर समेत कई कंपनियों ने इसका विरोध किया। एयरलाइंस का कहना था कि इससे उनके परिचालन और बिजनेस मॉडल पर असर पड़ेगा।
किराया संरचना पर पड़ सकता था असर
मंत्रालय ने आपत्तियों पर विचार करते हुए पाया कि इस नियम से टिकट की कीमतों और बाजार प्रतिस्पर्धा पर असर पड़ सकता है। फिलहाल एयरलाइंस लगभग 20% सीटें बिना अतिरिक्त शुल्क के देती हैं, जबकि बाकी सीटों के लिए ₹200 से ₹2100 तक का सीट चयन शुल्क लिया जाता है, जो सीट की लोकेशन और सुविधाओं पर निर्भर करता है।
यात्रियों के लिए राहत क्या?
सरकार ने स्पष्ट किया है कि यात्रियों की सुविधा से जुड़े अन्य प्रावधान जारी रहेंगे। इसमें एक ही PNR पर यात्रा करने वाले लोगों को साथ बैठाने की व्यवस्था भी शामिल है, ताकि परिवारों को अलग-अलग सीटों पर न बैठना पड़े।
फिलहाल सरकार इस प्रस्ताव पर सभी पक्षों से चर्चा के बाद ही अंतिम फैसला लेगी।
@MUSKAN KUMARI






