नई दिल्ली:
आम आदमी पार्टी (AAP) और उसके युवा चेहरे राघव चड्ढा के बीच कथित तनाव अब खुलकर सामने आता दिख रहा है। राज्यसभा में पार्टी के उपनेता पद से चड्ढा को हटाकर उनकी जगह डॉ. अशोक कुमार मित्तल की नियुक्ति ने सियासी हलकों में हलचल तेज कर दी है।
सूत्रों के मुताबिक, पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को पत्र लिखकर यह भी अनुरोध किया कि राघव चड्ढा को सदन में बोलने के लिए समय न दिया जाए। इस कदम के बाद पार्टी और चड्ढा के बीच दूरी की चर्चाएं और तेज हो गई हैं।
कौन हैं राघव चड्ढा?
राघव चड्ढा को अरविंद केजरीवाल का करीबी माना जाता रहा है। आंदोलन के दिनों से दोनों साथ रहे हैं। 2015 में चड्ढा को पार्टी का राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष बनाया गया था। उन्होंने 2019 में दक्षिण दिल्ली से लोकसभा चुनाव लड़ा, लेकिन हार गए। इसके बाद 2020 में राजेंद्र नगर से विधानसभा चुनाव जीतकर विधायक बने।
21 मार्च 2022 को उन्हें पंजाब से राज्यसभा भेजा गया, जहां वे सबसे युवा सांसदों में शामिल हैं। वे दिल्ली जल बोर्ड के उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं।
कैसे बढ़ीं दूरियां?
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि चड्ढा और केजरीवाल के बीच दूरी तब साफ नजर आई जब केजरीवाल जेल में थे और चड्ढा अपनी पत्नी परिणीति चोपड़ा के साथ विदेश यात्रा की तस्वीरें साझा कर रहे थे। इसके अलावा, लोकसभा चुनाव में भी उन्हें पंजाब में सीमित भूमिका दी गई।
विश्लेषकों का मानना है कि हाल के महीनों में चड्ढा पार्टी के अहम मुद्दों पर अपेक्षाकृत शांत नजर आ रहे थे, जिससे संगठन के भीतर असहजता बढ़ी।
पार्टी की सफाई
AAP के वरिष्ठ नेता संजय सिंह और नए उपनेता डॉ. मित्तल ने इसे सामान्य संगठनात्मक बदलाव बताया है। उनका कहना है कि यह कदम अन्य सांसदों को भी जिम्मेदारी देने के उद्देश्य से उठाया गया है।
चड्ढा का इशारों में जवाब
राघव चड्ढा ने सीधे तौर पर प्रतिक्रिया नहीं दी, लेकिन सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा कर कहा—
“मेरी खामोशी को मेरी हार मत समझ लेना, मैं वो दरिया हूं जो वक्त आने पर सैलाब बनता है।”
छवि पर पड़ सकता है असर
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह विवाद आगे बढ़ता है, तो इसका असर पार्टी की छवि और आंतरिक संतुलन पर पड़ सकता है। खासकर ऐसे समय में जब AAP राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है।
फिलहाल यह साफ नहीं है कि मामला अनुशासन का है या रणनीति का, लेकिन इतना तय है कि राघव चड्ढा और AAP के बीच बढ़ती दूरी ने सियासत में नई हलचल जरूर पैदा कर दी है।
@MUSKAN KUMARI







