बिहार के नवादा जिले में बढ़ते साइबर अपराध पर लगाम लगाने के लिए पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक संगठित ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है। मुख्यालय डीएसपी निशु मनीष ने प्रेस वार्ता में बताया कि वारिसलीगंज थाना क्षेत्र के झौर और गौड़ापार गांवों में छापेमारी कर कुल 10 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि झौर गांव के एक मुर्गा फार्म के पास अपराधी इकट्ठा होकर देशभर के लोगों को ठगने की योजना बना रहे हैं। सूचना के आधार पर गठित विशेष टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके पर दबिश दी और सभी आरोपियों को रंगे हाथ पकड़ लिया।
पूछताछ में सामने आया कि ये अपराधी Bajaj Finance और Reliance Finance जैसी नामी कंपनियों के फर्जी कर्मचारी बनकर लोगों को कॉल करते थे। वे फेसबुक और अवैध कस्टमर डेटा शीट के जरिए मोबाइल नंबर जुटाते थे और फिर कम ब्याज दर पर आसान लोन का झांसा देकर लोगों को अपने जाल में फंसाते थे।
विश्वास जीतने के लिए गिरोह के सदस्य खुद को बैंक मैनेजर और वेरिफिकेशन ऑफिसर बताकर बात करते थे। जब कोई व्यक्ति लोन लेने के लिए तैयार हो जाता, तो उससे आधार कार्ड, पैन कार्ड और बैंक पासबुक की कॉपी मंगवाई जाती थी। इसके बाद ‘प्रोसेसिंग फीस’ और ‘फाइल चार्ज’ के नाम पर खातों में पैसे ट्रांसफर करवा लिए जाते थे।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से 14 एंड्रॉयड मोबाइल फोन और 9 पन्नों की कस्टमर डेटा शीट बरामद की है। इस डेटा में सैकड़ों संभावित पीड़ितों के नाम और मोबाइल नंबर दर्ज थे। पुलिस अब कॉल रिकॉर्ड और ट्रांजैक्शन डिटेल्स की जांच कर गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
गिरफ्तार आरोपियों में रोहित कुमार, शंभू कुमार, फंटुश कुमार, विकास कुमार, रविरंजन, अमर, सुमित, लालू और चंदन शामिल हैं, जबकि एक किशोर को भी हिरासत में लिया गया है। सभी आरोपियों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है और उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान कॉल पर अपनी निजी जानकारी साझा न करें और लोन के लिए हमेशा बैंक या अधिकृत संस्थानों से ही संपर्क करें।
@MUSKAN KUMARI






