बिहार के गोपालगंज जिले में वन विभाग की करीब तीन एकड़ सरकारी जमीन पर किए गए अवैध अतिक्रमण को लेकर न्यायालय ने सख्त रुख अपनाया है। सामाजिक कार्यकर्ता विकास चंद्र उर्फ गुड्डू बाबा द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायालय की खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि सरकारी संपत्तियों पर अवैध कब्जा किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
मामले की गंभीरता को देखते हुए न्यायालय ने संबंधित अधिकारियों को समय सीमा के भीतर कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। खंडपीठ ने गोपालगंज के जिलाधिकारी, प्रमंडलीय वन पदाधिकारी और जिला वन पदाधिकारी को आदेश दिया है कि वे तीन महीने के भीतर चिन्हित तीन एकड़ वन भूमि से हर हाल में अतिक्रमण हटा लें।
याचिकाकर्ता गुड्डू बाबा ने न्यायालय को बताया कि उन्हें इस अतिक्रमण की जानकारी सूचना के अधिकार अधिनियम दो हजार पाँच के तहत मिली थी। वर्ष दो हजार चौबीस में प्राप्त जानकारी से यह स्पष्ट हुआ था कि गोपालगंज में वन विभाग की बहुमूल्य जमीन पर अतिक्रमणकारियों का कब्जा है। इसके बाद उन्होंने सार्वजनिक हित में न्यायालय का दरवाजा खटखटाया।
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ने यह भी दलील दी कि राज्य सरकार और वन विभाग की शिथिलता के कारण अब तक यह जमीन अतिक्रमण मुक्त नहीं हो सकी है। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य के कई अन्य जिलों में भी वन विभाग की बड़ी मात्रा में जमीन अवैध कब्जाधारियों और भू माफियाओं के कब्जे में है।
न्यायालय ने प्रशासन को तीन महीने के भीतर कार्रवाई का निर्देश देते हुए जनहित याचिका का निपटारा कर दिया है। इस आदेश के बाद अब जिला प्रशासन और वन विभाग पर जल्द से जल्द कार्रवाई करने का दबाव बढ़ गया है।
@MUSKAN KUMARI







