भारत ‘पैक्स सिलिका’ पहल में शामिल, एआई और सप्लाई चेन सुरक्षा पर अमेरिका संग नई साझेदारी

भारत ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से अमेरिका की अगुवाई वाली पहल पैक्स सिलिका में औपचारिक रूप से शामिल होने के लिए हस्ताक्षर कर दिए हैं। इस पहल का मकसद एआई तकनीक के सुरक्षित विकास, जरूरी संसाधनों की भरोसेमंद आपूर्ति और सहयोगी देशों के बीच आर्थिक सुरक्षा को मजबूत करना है।

हस्ताक्षर के बाद डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन में मंत्री रहे जैकब हेलबर्ग ने कहा कि पैक्स सिलिका इस बात की घोषणा है कि भविष्य उन्हीं का होगा जो निर्माण करते हैं और जब स्वतंत्र देश एकजुट होते हैं।

यह पहल अमेरिकी विदेश विभाग की प्रमुख रणनीतिक परियोजनाओं में शामिल है। इसके तहत सुरक्षित एआई विकास, महत्वपूर्ण संसाधनों की स्थिर सप्लाई चेन और साझेदार देशों के बीच आर्थिक सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। पहल के अनुसार मजबूत सप्लाई चेन वैश्विक आर्थिक सुरक्षा के लिए अनिवार्य है और एआई भविष्य की समृद्धि का प्रमुख आधार बनेगा।

इन देशों ने किए हस्ताक्षर

इस घोषणा पर ऑस्ट्रेलिया, जापान, दक्षिण कोरिया, ब्रिटेन, यूएई, सिंगापुर, इस्राइल, कतर और ग्रीस ने हस्ताक्षर किए हैं।

वहीं कनाडा, यूरोपीय संघ, नीदरलैंड्स और ताइवान इसमें भागीदार के रूप में जुड़े हैं।

भारत-अमेरिका तकनीकी सहयोग को बढ़ावा

अमेरिका के आर्थिक मामलों के अंडर सेक्रेटरी जैकब हेलबर्ग 20–21 फरवरी को भारत दौरे पर हैं। इस दौरान वे एआई सम्मेलन में भाग लेकर भारत-अमेरिका तकनीकी साझेदारी को मजबूत करने और एआई एक्सपोर्ट प्रोग्राम के नए चरण की शुरुआत करेंगे।

खनिज आपूर्ति पर भी बढ़ा सहयोग

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने हाल ही में अमेरिका में आयोजित महत्वपूर्ण खनिज मंत्रिस्तरीय बैठक में हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि जरूरी खनिजों की आपूर्ति कुछ देशों में अत्यधिक केंद्रित है, जो वैश्विक जोखिम पैदा करती है। इसलिए देशों को मिलकर सप्लाई चेन को सुरक्षित और संतुलित बनाना होगा।

@MUSKAN KUMARI

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Author: NCRLOCALDESK

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