पटना: बिहार में शराबबंदी कानून को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी राष्ट्रीय लोक मोर्चा के विधायक माधव आनंद द्वारा विधानसभा में समीक्षा की मांग उठाने के बाद अब राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के भीतर से भी विरोध के स्वर तेज हो गए हैं।
गया में मीडिया से बातचीत करते हुए केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने कहा कि अब समय आ गया है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शराबबंदी की जमीनी हकीकत समझें और इसकी गंभीर समीक्षा करें।
मांझी ने दावा किया कि कानून प्रभावी नहीं है, बल्कि शराब की ‘होम डिलीवरी’ तक हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि बड़े तस्कर खुले घूम रहे हैं, जबकि गरीब और दलित वर्ग के लोग कार्रवाई का ज्यादा शिकार हो रहे हैं।
इस बयान के बाद बिहार की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और सहयोगी दलों के बढ़ते दबाव के बीच अब मुख्यमंत्री के अगले कदम पर सबकी नजरें टिकी हैं।
@MUSKAN KUMARI






