सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए कहा है कि पायजामे का नाड़ा खींचना और शरीर से छेड़छाड़ करना दुष्कर्म की कोशिश माना जाएगा। अदालत ने इस मामले में इलाहाबाद उच्च न्यायालय के उस विवादित आदेश को पलट दिया, जिसमें इसे सिर्फ दुष्कर्म की तैयारी बताया गया था।
शीर्ष अदालत ने स्वतः संज्ञान लेकर मामले की सुनवाई की और 10 फरवरी को हाईकोर्ट के फैसले को रद्द कर दिया। साथ ही, नाबालिग से जुड़े मामले में विशेष अदालत द्वारा लगाए गए सख्त आरोपों को भी बहाल कर दिया गया।
मामला 2021 की घटना से जुड़ा है, जब एक महिला ने शिकायत दर्ज कराई थी कि गांव के कुछ युवकों ने उसकी 14 वर्षीय बेटी से छेड़छाड़ की और उसका पायजामा खींचा। बच्ची के शोर मचाने पर आरोपी मौके से फरार हो गए थे।
मुख्य न्यायाधीश की अगुवाई वाली पीठ ने कहा कि तथ्यों से स्पष्ट है कि यह सिर्फ तैयारी नहीं, बल्कि दुष्कर्म की स्पष्ट कोशिश थी। अदालत ने कासगंज की विशेष अदालत का समन आदेश भी बहाल कर दिया है!
@MUSKAN KUMARI






