असम दौरे पर पहुंचे नरेंद्र मोदी ने मोरान बाईपास पर बनी 4.2 किलोमीटर लंबी हाईवे एयरस्ट्रिप का उद्घाटन किया। प्रधानमंत्री नई दिल्ली से चाबुआ एयरफोर्स बेस पहुंचे और वहीं से एयरस्ट्रिप पर उतरकर व्यवस्थाओं और प्रदर्शन का जायजा लिया।
यह इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी (ईएलएफ) पूर्वोत्तर भारत में अपनी तरह की पहली सुविधा है, जो आपात स्थितियों में फाइटर जेट, ट्रांसपोर्ट और हेलीकॉप्टर के लिए वैकल्पिक रनवे का काम करेगी। इस मौके पर भारतीय वायुसेना ने शानदार हवाई प्रदर्शन किया, जिसमें लड़ाकू विमानों ने टेकऑफ, फ्लाईपास और टचडाउन का सटीक प्रदर्शन दिखाया।
पायलटों का सटीक टेकऑफ और लैंडिंग प्रदर्शन
हवाई प्रदर्शन के दौरान वायुसेना के पायलटों ने एयरस्ट्रिप पर सटीक टेकऑफ और लैंडिंग कर अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया। कई विमानों ने उड़ान भरते हुए ओवरशूट और टच-एंड-गो जैसे अभ्यास किए, जबकि हेलीकॉप्टरों ने विशेष कमांडो ऑपरेशन, राहत कार्य और मेडिकल इवैक्यूएशन की प्रक्रिया का भी प्रदर्शन किया।
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा का बयान
हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि ईएलएफ पर पहली बार इतना बड़ा और विस्तृत अभ्यास हुआ, जिसमें करीब 16 विमान शामिल रहे। लगभग 100 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस सुविधा को इस तरह डिजाइन किया गया है कि आपात स्थितियों में सैन्य और नागरिक विमानों की सुरक्षित लैंडिंग और टेकऑफ हो सके।
रणनीतिक रूप से बेहद अहम
डिब्रूगढ़ जिले में मोरान बाईपास पर बनी यह एयरस्ट्रिप रणनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। चीन सीमा से करीब 300 किलोमीटर दूर स्थित यह सुविधा प्राकृतिक आपदा, युद्ध या अन्य आपात स्थितियों में राहत और बचाव कार्यों में भी अहम भूमिका निभाएगी।
यह एयरशो भारतीय वायुसेना की ताकत, कुशलता और देश की सुरक्षा के प्रति उसकी तत्परता का सशक्त प्रदर्शन माना जा रहा है।
@MUSKAN KUMARI






