होटल की चमक-दमक के पीछे काला कारोबार कौशांबी के सरोवर पोर्टिको में देह व्यापार का खुलासा


कौशांबी के सरोवर पोर्टिको में देह व्यापार का खुलासा, 11 महिलाएं रेस्क्यू, 3 गिरफ्तार, 4 फरार

रिपोर्ट: विशेष संवाददाता | Asian Times | गाजियाबाद | 11 फरवरी 2026

गाजियाबाद के पॉश इलाके कौशांबी स्थित एक प्रतिष्ठित होटल में चल रहे कथित अनैतिक देह व्यापार के बड़े रैकेट का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। सहायक पुलिस आयुक्त इंदिरापुरम और थाना कौशांबी पुलिस टीम द्वारा संयुक्त रूप से चलाए गए सर्च एवं रेस्क्यू अभियान के दौरान 11 पीड़ित महिलाओं को मुक्त कराया गया, जबकि होटल संचालन से जुड़े 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। मौके से अवैध मादक पदार्थ और आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद हुई है।

यह कार्रवाई न केवल कानून-व्यवस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह सवाल भी खड़ा करती है कि आखिर शहर के नामी होटलों में इस तरह का संगठित अवैध कारोबार कैसे फल-फूल रहा है?


मुखबिर की सूचना से खुला राज

पुलिस सूत्रों के अनुसार, 11 फरवरी 2026 की सुबह मुखबिर से सूचना मिली कि थाना कौशांबी क्षेत्र स्थित सरोवर पोर्टिको होटल में आर्थिक रूप से कमजोर और भोली-भाली महिलाओं को नौकरी व पैसों का लालच देकर देह व्यापार में धकेला जा रहा है। सूचना मिलते ही तत्काल एक विशेष टीम गठित की गई।

टीम ने योजनाबद्ध तरीके से होटल पर दबिश दी। छापेमारी के दौरान होटल के कुछ कमरों में संदिग्ध गतिविधियां पाई गईं। मौके से 11 महिलाओं को सुरक्षित बाहर निकाला गया।


कौन हैं गिरफ्तार आरोपी?

पुलिस द्वारा जारी विवरण के अनुसार गिरफ्तार किए गए आरोपियों में होटल का संचालक और मैनेजर शामिल हैं:

  • राहुल शर्मा (46 वर्ष) – निवासी वैशाली, गाजियाबाद (संचालक/मैनेजर)

  • अंकित चौहान (19 वर्ष) – निवासी अलीगढ़

  • सुनील (39 वर्ष) – निवासी अलीगढ़

चार अन्य आरोपी मौके से फरार हो गए, जिनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश जारी है।


बरामदगी: मादक पदार्थ और आपत्तिजनक सामग्री

छापेमारी के दौरान पुलिस को:

  • 1 पुड़िया अवैध गांजा

  • 1 पुड़िया अवैध चरस

  • आपत्तिजनक सामग्री

बरामद हुई है। पुलिस ने सभी वस्तुओं को जब्त कर लिया है।


पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे

प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि महिलाओं को नौकरी दिलाने, मॉडलिंग का अवसर देने या आर्थिक मदद के नाम पर फंसाया जाता था। ग्राहकों से भारी रकम वसूली जाती थी, जबकि महिलाओं को उसका सीमित हिस्सा दिया जाता था।

कुछ मामलों में बाहरी राज्यों की महिलाओं के शामिल होने की भी आशंका जताई गई है। पुलिस इस एंगल पर भी जांच कर रही है कि कहीं यह अंतरराज्यीय रैकेट तो नहीं।


कानूनी कार्रवाई

गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ अनैतिक व्यापार (निवारण) अधिनियम की धाराओं 3/4/5/6 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। इसके अतिरिक्त NDPS Act के तहत भी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।

पुलिस ने बताया कि आरोपियों का आपराधिक इतिहास भी खंगाला जा रहा है।


बड़ा सवाल: होटल प्रबंधन की जिम्मेदारी?

यह मामला केवल कुछ व्यक्तियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है। सवाल यह उठता है कि क्या होटल प्रबंधन को इन गतिविधियों की जानकारी नहीं थी? यदि नहीं, तो सुरक्षा व्यवस्था में इतनी बड़ी चूक कैसे हुई?

विशेषज्ञों का मानना है कि होटल इंडस्ट्री को भी अपनी निगरानी प्रणाली मजबूत करनी होगी। CCTV मॉनिटरिंग, गेस्ट वेरिफिकेशन और नियमित पुलिस समन्वय आवश्यक है।


सामाजिक विश्लेषण: मजबूरी या संगठित अपराध?

समाजशास्त्रियों का कहना है कि आर्थिक असमानता, बेरोजगारी और महिलाओं की असुरक्षा ऐसे रैकेट को बढ़ावा देते हैं। कई महिलाएं मजबूरी में इस जाल में फंस जाती हैं, जबकि असली मुनाफा संचालकों और दलालों को होता है।

यह मामला एक बार फिर यह याद दिलाता है कि पीड़ितों को अपराधी नहीं, बल्कि संरक्षण और पुनर्वास की जरूरत होती है।


पुलिस का सख्त संदेश

गाजियाबाद पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध गतिविधियों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित की गई हैं।

कौशांबी के इस होटल में चला यह कथित काला कारोबार शहर की कानून-व्यवस्था और सामाजिक ढांचे पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है। पुलिस की कार्रवाई सराहनीय है, लेकिन यह भी जरूरी है कि ऐसे रैकेट की जड़ तक पहुंचकर पूरे नेटवर्क को ध्वस्त किया जाए।

Noida Desk
Author: Noida Desk

मुख्य संपादक (Editor in Chief)

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