गाजियाबाद। साहिबाबाद के टीलामोड़ स्थित भारत सिटी सोसायटी में तीन नाबालिग बहनों की आत्महत्या के 72 घंटे बाद भी मामले से जुड़े कई सवालों के जवाब नहीं मिल सके हैं। पुलिस जांच में कुछ तथ्यों से दिशा जरूर मिली है, लेकिन कई बयान और परिस्थितियां कहानी को और उलझा रही हैं। पुलिस अब तक किशोरियों के पिता चेतन से दो से तीन बार पूछताछ कर चुकी है, जबकि अलग-अलग चरणों में उनके बयानों में विरोधाभास सामने आए हैं।
जांच के दौरान बच्चों की पढ़ाई, पारिवारिक रिश्तों की जटिलता, आर्थिक स्थिति और दिनचर्या को लेकर कई सवाल उठे हैं। बताया गया कि तीनों बहनों—निशिका, प्राची और पाखी—ने प्राथमिक कक्षाओं के बाद स्कूल जाना छोड़ दिया था। आर्थिक तंगी का हवाला दिया गया, लेकिन सरकारी स्कूल में दाखिले जैसे विकल्पों पर सवाल खड़े हो रहे हैं। वहीं, स्थानीय लोगों का दावा है कि तीनों कोचिंग जाया करती थीं, लेकिन कहां और किस विषय की, यह अब तक स्पष्ट नहीं हो सका है।
पुलिस को किशोरियों के कमरे से एक पॉकेट डायरी भी मिली है, जिसमें आठ पन्नों का सुसाइड नोट लिखा बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, मोबाइल फोन की लत और एक कोरियाई ऑनलाइन गेम से प्रभावित होने की बात सामने आई है। डीसीपी ट्रांस हिंडन निमिष पाटील ने कहा कि हर पहलू की गहन जांच की जा रही है और जो तथ्य पुष्ट होंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
@MUSKAN KUMARI







