लोकसभा में उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर सरकार का पक्ष रखते हुए स्पष्ट किया कि उर्वरक, कृषि और डेयरी जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में भारत के हितों की पूरी तरह रक्षा की गई है। उन्होंने कहा कि यह समझौता छोटे और मध्यम कारोबारियों, एमएसएमई, औद्योगिक इकाइयों, कुशल श्रमिकों और उद्योगों के लिए नए अवसर खोलेगा तथा उन्नत तकनीकों तक पहुंच को आसान बनाएगा। इससे ‘मेक इन इंडिया फॉर द वर्ल्ड’, ‘डिज़ाइन इन इंडिया फॉर द वर्ल्ड’ और ‘इनोवेट इन इंडिया फॉर द वर्ल्ड’ जैसे अभियानों को गति मिलेगी।
गोयल के बयान के दौरान विपक्ष के हंगामे के बीच उन्होंने दोहराया कि सरकार ने राष्ट्रीय हितों को सर्वोपरि रखते हुए बातचीत पूरी की है। मंत्री ने बताया कि 2 फरवरी 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच द्विपक्षीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर टेलीफोनिक बातचीत हुई थी, जिसके बाद अमेरिका ने टैरिफ घटाकर 18 प्रतिशत करने की घोषणा की। यह दर कई प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में कम है, जिससे भारतीय निर्यातकों को वैश्विक बाजार में बढ़त मिलेगी।
उन्होंने कहा कि पिछले एक वर्ष में दोनों देशों के वार्ताकारों ने विभिन्न स्तरों पर गहन चर्चा की। वार्ताओं के दौरान भारतीय पक्ष ने विशेष रूप से कृषि और डेयरी जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में अपने हितों की सफलतापूर्वक रक्षा की। विस्तृत बातचीत के बाद द्विपक्षीय व्यापार समझौते के विभिन्न क्षेत्रों को अंतिम रूप दिया गया।
इससे पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में गोयल ने इस समझौते को भारत की अर्थव्यवस्था के लिए सबसे बेहतर डील बताया था। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और आपसी विश्वास के चलते भारत को पड़ोसी और प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में अधिक अनुकूल शर्तें मिली हैं। यह डील देशवासियों के लिए शुभ संकेत है और रोजगार, निवेश व निर्यात को नई दिशा देगी।
@MUSKAN KUMARI







