राजस्थान के जोधपुर की रहने वाली साध्वी प्रेम बाईसा की मौत को लेकर सस्पेंस लगातार गहराता जा रहा है। अब तक यह साफ नहीं हो पाया है कि उनकी मौत एक हादसा थी, आत्महत्या या फिर किसी साजिश का हिस्सा। आज उनकी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने की संभावना है और इसी के साथ उनका अंतिम संस्कार भी किया जाएगा, लेकिन इससे पहले कई सवाल जांच एजेंसियों और परिजनों को उलझाए हुए हैं।
साध्वी के पिता का आरोप है कि तबीयत बिगड़ने पर एक निजी कम्पाउंडर ने उन्हें डेक्सोना इंजेक्शन लगाया था। इंजेक्शन लगने के बाद साध्वी की हालत अचानक गंभीर हो गई और कुछ ही देर में उनकी मौत हो गई। इस बयान के बाद इंजेक्शन की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। क्या डेक्सोना जैसा इंजेक्शन इतना घातक हो सकता है कि उससे मौत हो जाए, या फिर इसमें किसी तरह की मिलावट की गई थी—यह अब जांच का अहम बिंदु बन चुका है।
मामले को और रहस्यमय बना रहा है वायरल वीडियो और कथित सुसाइड नोट। अगर यह आत्महत्या का मामला है तो इंजेक्शन की चर्चा क्यों सामने आई? सुसाइड नोट किसके कहने पर लिखा गया और उसे लिखवाने वाला साधु कौन था? सबसे बड़ा सवाल यह भी है कि मौत के करीब चार घंटे बाद ही सोशल मीडिया पर पोस्ट क्यों किया गया।
जांच एजेंसियां हर कड़ी को जोड़ने की कोशिश कर रही हैं—इंजेक्शन, इलाज की प्रक्रिया, वायरल वीडियो और सुसाइड नोट, सभी पहलुओं की गहनता से पड़ताल की जा रही है। फिलहाल साध्वी प्रेम बाईसा की मौत एक अबूझ पहेली बनी हुई है, जिसका जवाब पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और आगे की जांच के बाद ही सामने आ पाएगा।
@MUSKAN KUMARI







