चांदनी चौक इलाके में अतिक्रमण, यातायात नियमों के उल्लंघन, अवैध फेरीवालों और गैर-कानूनी गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए दिल्ली हाईकोर्ट एक विशेष कमेटी गठित करेगा। चांदनी चौक सर्व व्यापार मंडल की याचिका पर सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस कारिया की पीठ ने कहा कि सभी सिविक एजेंसियां कमेटी को रिपोर्ट करेंगी और स्थिति की रोजाना निगरानी की जिम्मेदारी इसी कमेटी को दी जाएगी।
अदालत ने स्पष्ट किया कि किसी भी एजेंसी की योजना कमेटी की मंजूरी के बाद ही लागू होगी। याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता संजीव रल्ली और मोहित मुदगन ने अदालत को बताया कि कोर्ट के आदेशों के बावजूद इलाके की स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि जहां केवल 400 रिक्शा की अनुमति है, वहां करीब 2,000 रिक्शा चल रहे हैं और प्रतिबंधित समय में वाहनों के प्रवेश पर लगने वाला भारी जुर्माना लोक अदालत में बेहद कम कर दिया जाता है।
अदालत ने इस पर चिंता जताते हुए कहा कि यह केवल कानून-व्यवस्था का ही नहीं, बल्कि लोगों की रोजी-रोटी का भी सवाल है। पीठ ने सभी पक्षों से कमेटी के लिए वरिष्ठ अधिकारियों और स्थानीय सम्मानित नागरिकों के नाम सुझाने को कहा है। अदालत ने संकेत दिया कि व्यापार मंडल के प्रतिनिधियों को भी किसी न किसी रूप में कमेटी में शामिल किया जाएगा। मामले की अगली सुनवाई 24 फरवरी को होगी
@MUSKAN KUMARI







