सुप्रीम कोर्ट ने उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता को बढ़ावा देने से जुड़े UGC विनियम, 2026 को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए इन नियमों पर रोक लगा दी है। अदालत ने कहा कि अगले आदेश तक वर्ष 2012 के UGC नियम ही लागू रहेंगे और केंद्र सरकार व यूजीसी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।
सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची की पीठ ने नए नियमों को अस्पष्ट बताते हुए उनके दुरुपयोग की आशंका जताई। अदालत ने टिप्पणी की कि समाज को जातिविहीन दिशा में बढ़ना चाहिए और जिन वर्गों को सुरक्षा की जरूरत है, उनके लिए संतुलित व्यवस्था होनी चाहिए। मामले की अगली सुनवाई 19 मार्च को होगी।
याचिकाकर्ताओं का कहना है कि 23 जनवरी 2026 को अधिसूचित UGC रेगुलेशन 2026 मनमाने, भेदभावपूर्ण और संविधान व UGC एक्ट 1956 के खिलाफ हैं। वहीं याचिकाकर्ता के वकील विष्णु शंकर जैन ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल नए नियम लागू नहीं होंगे। देशभर में इन नियमों को लेकर विरोध प्रदर्शन भी देखने को मिल रहे हैं।
@MUSKAN KUMARI







