नई दिल्ली/तिरुवनंतपुरम।
कांग्रेस सांसद शशि थरूर और पार्टी नेतृत्व के बीच मतभेद अब खुलकर सामने आने लगे हैं। केरल में इस वर्ष होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर हुई एक अहम बैठक में तिरुवनंतपुरम से सांसद शशि थरूर की गैरमौजूदगी ने सियासी हलकों में हलचल बढ़ा दी है। पार्टी की इस बैठक में शामिल न होने को लेकर जब कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित से सवाल किया गया तो उन्होंने थरूर पर परोक्ष रूप से तीखा तंज कसते हुए कहा कि जो बड़े नेता हैं, वे सभी बैठक में मौजूद थे, जबकि जो बड़े नेता नहीं हैं, उनका न आना कोई मायने नहीं रखता।
संदीप दीक्षित ने मीडिया से बातचीत में कहा कि पार्टी की बैठकों में वही नेता शामिल हो रहे हैं, जिनका जनाधार मजबूत है और जिनकी जरूरत है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अगर कोई नेता जरूरी नहीं है और वह बैठक में नहीं आता, तो इससे पार्टी को कोई फर्क नहीं पड़ता। उनके इस बयान को शशि थरूर पर सीधा हमला माना जा रहा है।
दरअसल, शशि थरूर पिछले कुछ समय से कांग्रेस की कई अहम बैठकों से दूरी बनाए हुए हैं। केरल विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जहां कांग्रेस पूरी तरह जुटी हुई है, वहीं थरूर का इस पूरे चुनावी परिदृश्य से नदारद रहना पार्टी के भीतर असहजता बढ़ा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह दूरी महज संयोग नहीं, बल्कि गहरे मतभेदों का संकेत है।
कांग्रेस और शशि थरूर के बीच मतभेदों की चर्चा नई नहीं है। बीते महीनों में थरूर कई बार इशारों-इशारों में पार्टी नेतृत्व पर सवाल उठा चुके हैं। हाल ही में दिए एक बयान में उन्होंने चेतावनी दी थी कि अगर कांग्रेस ने अपने जनाधार को नहीं बढ़ाया तो पार्टी लगातार तीसरी बार विपक्ष में बैठने को मजबूर हो सकती है। उन्होंने यह भी कहा था कि केरल कांग्रेस में नेतृत्व की कमी महसूस की जा रही है।
इतना ही नहीं, थरूर ने यह भी संकेत दिया था कि यदि पार्टी को उनकी सेवाओं की आवश्यकता नहीं है तो उनके पास अन्य विकल्प मौजूद हैं, जिनमें किताबें लिखना भी शामिल है। उनके इन बयानों को कांग्रेस में उनकी भूमिका से असंतोष के तौर पर देखा जा रहा है।
शशि थरूर कई मौकों पर एनडीए सरकार की नीतियों की सराहना भी कर चुके हैं। हाल ही में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर भी उन्होंने केंद्र सरकार की प्रशंसा की थी। ऐसे बयानों के बाद राजनीतिक गलियारों में यह अटकलें तेज हो गई हैं कि थरूर भविष्य में एनडीए का रुख भी कर सकते हैं। हालांकि, इस पर न तो थरूर और न ही कांग्रेस पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने आया है।
@MUSKAN KUMARI







