ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-150 स्थित टाटा यूरेका पार्क सोसायटी के पास बुधवार रात एक दर्दनाक हादसे ने प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज की ग्रैंड विटारा कार अचानक खुले नाले में गिर गई। हादसे के बाद मौके पर तीन विभागों के करीब 80 कर्मचारी मौजूद थे, लेकिन समन्वय और तकनीकी संसाधनों की कमी के चलते युवराज को लगभग दो घंटे तक बाहर नहीं निकाला जा सका।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार नाले में गिरते ही युवराज अंदर फंस गया और मदद की गुहार लगाता रहा। सूचना मिलने पर पुलिस, दमकल और प्राधिकरण की टीमें मौके पर पहुंचीं, लेकिन न तो पर्याप्त रेस्क्यू उपकरण थे और न ही स्पष्ट कमांड सिस्टम। इसी दौरान युवराज के पिता मौके पर बेबस खड़े अपने बेटे की जान बचाने की अपील करते रहे।
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि यदि समय पर क्रेन और प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम पहुंच जाती, तो युवराज की जान बच सकती थी। इस हादसे ने खुले नालों, खराब स्ट्रीट लाइट और लापरवाह प्रशासन की पोल खोल दी है। घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश है और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की जा रही है।
@MUSKAN KUMARI







