ईरान में एक ओर जहां लगातार विरोध-प्रदर्शन जारी हैं, वहीं दूसरी ओर सरकार उन्हें सख्ती से कुचलने की कोशिश कर रही है। इस राजनीतिक और सामाजिक उथल-पुथल के बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची 15–16 जनवरी को भारत दौरे पर आने की तैयारी में हैं। विदेश मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, अराघची ने भारत आने से पहले विदेश मंत्री एस. जयशंकर से फोन पर बातचीत भी की है।
ईरान में बढ़ती हिंसा और अस्थिर हालात को देखते हुए ब्रिटेन ने बड़ा कदम उठाते हुए अपना दूतावास अस्थायी रूप से बंद करने का फैसला किया है। इससे क्षेत्रीय तनाव और गहराने के संकेत मिल रहे हैं।
दूसरी ओर, अंतरराष्ट्रीय राजनीति में ग्रीनलैंड को लेकर भी हलचल तेज है। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ग्रीनलैंड पर नियंत्रण के कथित प्लान को यूरोप का समर्थन मिलता नजर नहीं आ रहा है। ग्रीनलैंड के प्रधानमंत्री ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि उनका देश डेनमार्क के साथ ही रहना चाहता है।
इस बीच अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और ग्रीनलैंड के अधिकारियों के बीच बैठक हो चुकी है, लेकिन ग्रीनलैंड प्रशासन अपने रुख पर कायम है। अंतरराष्ट्रीय मंच पर इन घटनाक्रमों को वैश्विक कूटनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
@MUSKAN KUMARI







