नई दिल्ली,
भारत सरकार ने घरेलू स्टील उद्योग को सस्ते चीनी आयात से बचाने के लिए चयनित स्टील उत्पादों पर 11–12 प्रतिशत आयात शुल्क लगाने का फैसला किया है। यह शुल्क तीन वर्षों तक लागू रहेगा और हर साल क्रमशः कम किया जाएगा। यह कदम डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ ट्रेड रेमेडीज (DGTR) की जांच के बाद उठाया गया है, जिसमें पाया गया कि स्टील आयात में तेज़ बढ़ोतरी से स्थानीय उत्पादकों को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, यह निर्णय भारतीय स्टील कंपनियों को राहत देने और उन्हें प्रतिस्पर्धी बनने का समय देने के उद्देश्य से लिया गया है। भारत के साथ-साथ कई अन्य देशों ने भी हाल के महीनों में चीनी स्टील पर व्यापारिक प्रतिबंध कड़े किए हैं, ताकि घरेलू उद्योगों की सुरक्षा की जा सके।
इधर, कूटनीतिक मोर्चे पर चीन ने भारत और पाकिस्तान के बीच इस साल हुई चार दिन की सैन्य तनातनी को कम कराने में अपनी भूमिका का दावा किया है। चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने कहा कि बीजिंग ने दोनों देशों के बीच तनाव कम करने में मदद की, और इसे उन वैश्विक संकटों की सूची में शामिल किया जहां चीन शांति स्थापित करने में योगदान देने का दावा करता है।
चीन के इस बयान पर ऐसे समय में ध्यान गया है, जब भारत-चीन संबंध व्यापार और रणनीतिक मुद्दों को लेकर पहले से ही संवेदनशील दौर से गुजर रहे हैं।
@MUSKAN KUMARI







