भारत जल्द ही अपनी पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को पटना–नई दिल्ली रूट पर शुरू करने जा रहा है, जिसका यात्रियों को लंबे समय से इंतज़ार था। तेज़ रफ्तार, प्रीमियम आराम और अत्याधुनिक तकनीक से लैस यह ट्रेन सफर के अनुभव को बिल्कुल बदल देगी। ट्रेन की खूबी यह है कि 160 किमी/घंटा की रफ्तार पर भी कप में रखी चाय नहीं छलकेगी, क्योंकि इसके कोच हाई-स्टेबिलिटी टेक्नोलॉजी से डिज़ाइन किए गए हैं।
ट्रेन में लग्ज़री होटल जैसी सुविधाएँ होंगी—गर्म पानी के शावर, टच-फ्री बायो-वैक्यूम टॉयलेट, रियल-टाइम इंफॉर्मेशन सिस्टम और रात में पढ़ने के लिए USB-इंटीग्रेटेड लाइट तक। यह ट्रेन 6 दिन चलेगी, शाम को पटना से रवाना होगी और सुबह दिल्ली पहुंचेगी—और वापसी भी इसी पैटर्न पर होगी।

कोच व सीटें
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में कुल 16 कोच होंगे—
AC-3 Tier : 11 कोच (611 सीटें)
AC-2 Tier : 4 कोच (188 सीटें)
AC-1 Tier : 1 कोच (24 सीटें)
कुल क्षमता 827 यात्रियों की होगी। किराया राजधानी एक्सप्रेस के करीब रहने की संभावना है। जरूरत पड़ने पर कोच संख्या भी बढ़ाई जा सकती है।
निर्माण और लॉन्च
ट्रेन के दो रैक BEML बैंगलुरु द्वारा तैयार किए जा रहे हैं। पहला रैक 12 दिसंबर को भेजा जाएगा, जिसके बाद इसका दिल्ली–पटना रूट पर ट्रायल रन शुरू होगा। नए साल से पहले संचालन शुरू होने की तैयारी है।
टेक्नोलॉजी और स्पीड
यह स्लीपर वर्ज़न 160 किमी/घंटा की गति से चलेगा, और अधिकतम गति 180 किमी/घंटा तक जा सकती है। इसकी सबसे बड़ी खासियत है कि यह तेज़ी से रफ्तार पकड़ता है और जल्दी ब्रेक करता है, जिससे कुल यात्रा समय काफी कम हो जाता है।
भारत में पहले से 164 चेयर कार वंदे भारत ट्रेनें चल रही हैं, लेकिन लंबे रूट की मांग के कारण यह स्लीपर वर्ज़न विशेष रूप से डिज़ाइन किया गया है। रेलवे मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संसद में बताया कि दो स्लीपर रैक तैयार हैं और परीक्षण चरण में हैं।
ट्रेनों में मिलने वाली लग्ज़री सुविधाएँ
USB रीडिंग लाइट – रात में बिना किसी को परेशानी के पढ़ सकेंगे
रियल-टाइम पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम – अगला स्टेशन, लोकेशन, समय आदि की जानकारी
Wi-Fi और एंटरटेनमेंट यूनिट – तेज़ इंटरनेट और मनोरंजन
मॉड्यूलर पैंट्री – ताज़ा गर्म खाना
टच-फ्री बायो-वैक्यूम टॉयलेट – बेहतर स्वच्छता
AC कोच में गर्म पानी का शावर – ठंड के मौसम में आरामदायक स्नान
यात्रियों की सुरक्षा
वंदे भारत स्लीपर में रेलवे ने कई हाई-एंड सुरक्षा फीचर दिए हैं—
KAVACH एंटी-कोलिजन सिस्टम – खतरा होते ही ट्रेन खुद रुक जाती है
इमरजेंसी टॉक-बैक यूनिट – किसी भी कोच से मदद के लिए संपर्क
सील्ड गैंगवे – धूल रहित और सुरक्षित इंटर-कोच कनेक्शन
ऑटोमेटिक दरवाज़े – चलने से 10 सेकंड पहले लॉक
CCTV सर्विलांस – हर कोच की 24×7 निगरानी
पटना–दिल्ली रूट पर यह ट्रेन यात्री अनुभव को पूरी तरह नए स्तर पर ले जाएगी, और बिहार के लिए यह एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
@Tanya Singh
Author: BiharlocalDesk
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