डॉ ए ए एस दास, डॉ अभिमन्यु अनत, एवं दवा प्रतिनिधि, हेमंत कुमार

259

समय पर कराए उपचार इलाज नहीं कराने पर कई अंगों में फैल सकता है प्रोस्टेट कैंसर शुरआत में दवा से कंट्रोल हो सकता है प्रोस्टेट डॉक्टर अभिमन्यु अनत

यूरोलॉजी विभाग के चिकित्सक डॉ अभिमन्यु अनत किडनी एवं मूत्र रोग प्रोस्टेट कैंसर एवं यूरोलॉजी विशेषज्ञ ने कहा।
दुनिया भर में सितंबर महीने में प्रोस्टेट कैंसर अवेयरनेस मंथ के रूप में मनाया जाता है इसका उद्देश्य प्रोस्टेट की वृद्धि तथा कैंसर के कारणों के प्रति जागरूक करना और लोगों को अपने जीवन शैली में जरूरी बदलाव करने के लिए प्रेरित करना है ताकि जीवन के लिए घातक प्रोस्टेट कैंसर से लोगो का बचाव किया जा सके जागरूकता अभियान के तहत एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में डॉक्टर अभिमन्यु अनत ने इससे जुड़ी महत्वपूर्ण बातों के बारे में जानकारी दी प्रोस्टेट कैंसर पुरुषों को होता है दरअसल प्रोस्टेट एक ग्रंथि होती है और वो द्रव्य बनाती है उसमें शुक्राणु होते हैं प्रोस्टेट मूत्राशय के नीचे होता है जिसका आकार अखरोट जैसा होता है विश्व संगठन के रिपोर्ट के अनुसार दो दशकों मे प्रोस्टेट कैंसर भारत समेत एशिया मूल के पुरुषों में तेजी से बढ़ रहा है 55 साल से ज्यादा उम्र के पुरुषों में प्रोस्टेट कैंसर का खतरा ज्यादा रहता है इस कैंसर के बारे में पता चल जाए तो निश्चित रूप से ठीक किया जा सकता है

किन पुरुषों को को प्रोस्टेट का खतरा

55 साल के अधिक उम्र वाले पुरुषों को

परिवार में प्रोस्टेट कैंसर का इतिहास होने पर

अश्ववेत पुरुषों को अधिक जोखिम

रेड मीट घी या दूध आदि बहुत ज्यादा सेवन करने तो पुरुषों को

बहुत अधिक नशा करने वाले पुरुषों को

प्रोस्टेट कैंसर के लक्षण

बार बार पेशाब आना विशेष तौर पर रात में पेशाब करने पर समस्या होना

रुक रुक कर पेशाब होना या पेशाब का बहाब कमजोर होना

पेशाब करते समय दर्द एवं जलन होना

पेशाब में रक्त या सीमन आना

करने में कठिनाई होती है और पेशाब को रोका नहीं जा सकता है पेशाब रोकने में काफी दिक्कत होती है
शरीर में लगातार दर्द बना रहता है
कमर में निचले हिस्से या कूल्हे या जांघो के उपरी हिस्से में लगातार दर्द होना

परीक्षण की जांच और फिर उपचार

प्रोस्टेट कैंसर की जांच के लिए प्रॉस्टेटिक एस्पेसिफिक एंटीजन मतलब पीएसए टेस्ट करा सकते है यह एक शरीर का रसायन होता है जिसका अस्तर अधिक हो जाए तो प्रोस्टेट कैंसर की संभावना अधिक होती है। प्रोस्टेट कैंसर की पता लगाने के लिए बायोप्सी टेस्ट किया जाता है। बायोप्सी से यह पता लगाया जा सकता है कि प्रोस्टेट कैंसर कितनी तेजी से शरीर में फैल रहा है प्रोस्टेट कैंसर का शुरुआती स्थिति में पता चल जाने का इसका पूर्ण उपचार संभव है।

प्रोस्टेट ग्रंथि बढ़ने के कारण

पुरुषों में पाई जाने वाली ग्रंथि है जो वास्तव में कई छोटा ग्रंथियों से मिलकर बनी होती है यह ग्रंथि पेशाब के रास्ते को घेर कर रखती है और उम्र बढ़ने के साथ ही प्रोस्टेट ग्रंथि के ऊतकों में गैर नुकसानदेह ग्रंथियां विकसित हो जाती है जिसके कारण धीरे-धीरे ग्रंथि के आकार में वृद्धि होने लगती है और समस्या तब उत्पन्न होती है तब प्रोस्टेट का आकार इतना बढ़ जाता है कि मूत्र मार्ग पर दबाव पड़ने लगता है इस मौके पर डॉ अभिमन्यु अनत ने प्रोस्टेट में वृद्धि यानी बीपीएच और उससे होने वाली प्रोस्टेट का पर भी प्रकाश डाला चिकित्सीय भाषा में पुरुषों में पाई जाने वाली प्रोस्टेट ग्रंथि की वृद्धि को बिनाइन प्रॉस्टेटिक हाइपरप्लेशिया यानी बीपीएच कहा जाता है बीपीएच ऐसी बीमारी जो बढ़ती उम्र में (मध्य आयु और इसके बाद मे किसी भी व्यक्ति को अपनी गिरफ्त में ले सकती है अभी तक बीपीएच के इलाज के लिए पारंपरिक सर्जरी और दवा का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके जरिए बीपीएच को कारगर रूप में खत्म किया जा सकता है आमतौर पर यह बीमारी 50 वर्ष से ऊपर के पुरुषों में दिखाई पड़ती है इसके कुछ आम लक्षण है जैसे जल्दी पेशाब लगना पेशाब करने में जोर लगाना पेशाब देर से हो ना या फिर रुक रुक कर होना पेशाब कर लेने के बाद भी बूंद बूंद टपकना पेशाब धीरे-धीरे होना या फिर इसमें रुकावट होना पेशाब बीर्य से रक्त आना एवं हड्डियों में दर्द डॉक्टर अभिमन्यु अनत
ने सुझाव दिया कि बीपीएच से बचाव के लिए शाहकारी भोजन करना अत्यंत लाभप्रद है उन्होंने वसायुक्त खाद्य पदार्थों से परहेज करने और शराब पीने से बचने की सलाह दी है।

इस अवसर पर डॉ अभिमन्यु अनत ऍम सी ए च यूरोलॉजी किडनी एवं मूत्र रोग विशेषज्ञ यूरोलॉजी पता डॉ ए ए एस दास क्लिनिक कैलाशपूरी डुमरा सीतामढ़ी लखनदीप पुल के समीप दवा के प्रतिनिधि हेमंत कुमार सहित हॉस्पिटल के अन्य चिकित्सक एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here