क्या ‘अग्निपथ’ की आग ने BJP-JDU गठबंधन को भी झुलसा दिया है?

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किसी ने सोचा भी नहीं होगा कि सेना में भर्ती के लिए केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना देश में उपद्रवियों के लिए हिंसा का मौका लेकर आएगा और इसकी अग्नि में राजनीतिक दलों के सियासी रिश्ते भी झुलसने लगेंगे.

खासकर बिहार में तो ऐसा ही लग रहा है जो इस हिंसक प्रदर्शन से सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है.

बिहार बीजेपी के अध्यक्ष संजय जायसवाल ने बयान देकर सीधे आरोप लगा दिया की बीजेपी के कार्यालय फूंके जाते रहे और पुलिस मूक दर्शक बनी रही. हालांकि इस बयान पर जदयू नेता भी जवाब देने के लिए कूद पड़े और अब उसके बाद बैठकों का दौर शुरू हो गया है.

ये बैठकों का दौर कहां जाकर थमेगा किसी को मालूम नहीं. सबसे पहले बात कर लेते हैं, बीजेपी के बैठक की. प्रदेश अध्यक्ष के नेतृत्व में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए तमाम बीजेपी नेताओं की मीटिंग हुई. बीजेपी कोटे के मंत्री के अलावा सभी विधायकों को इसमें जोड़ा गया और बीजेपी ने अग्निपथ को लेकर पीछे नहीं हटने की शपथ ली और इसपर चर्चा की.

जाहिर है बीजेपी की इस बैठक के बाद बिहार का सियासी माहौल गरम हो गया क्योंकि दूसरी ओर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जदयू के तमाम नेताओं को लेकर भी एक बैठक की . इस दौरान जदयू सांसद, विधायक और पूर्व विधायकों के अलावा कई जिला प्रमुख भी मौजूद रहे.

नीतीश ने उनसे राजनीतिक इनपुट लिया और वर्तमान राजनीतिक हालात की जानकारी ली. वहीं बैठक के बाद प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने कहा कि इस बैठक को राजनीति से नहीं जोड़ा जाना चाहिए. सिर्फ नीतीश कुमार ने कार्यकर्ताओं से हाल चाल जाना है.

उन्होंने कहा कि बैठक में बिहार के कई ज़िलों से आए हुए कार्यकर्ताओं से नीतीश कुमार ने मुलाक़ात की है और ऐसी मुलाक़ात पहले भी होती रही है. लेकिन हां, कोई बैठक होती है तो उसमें राजनीतिक बातें तो होती ही है.

जदयू प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि अग्निपथ योजना को लेकर जो समस्या है उसके बारे में सरकार को साफ़ करना चाहिए. जहां तक बात बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष के आरोप का है ,तो बिहार पुलिस पूरी सतर्कता से काम कर रही है और हालात को नियंत्रण में रखे हुए है.

उन्होंने कहा, अगर कोई घटना घटी है, तो उन्हें बख्शा नहीं जाएगा. सभी को उसकी कीमत चुकानी पड़ेगी. बीजेपी नेताओं को मिली वाई श्रेणी की सुरक्षा पर प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि केंद्र ने उन्हें सुरक्षा दी है. केंद्र को लगा होगा कि सुरक्षा की जरूरत है, तो दिया है. इसमें किसी को दिक्कत नहीं होनी चाहिए.

aaj tak

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