‘अग्निपथ योजना’ : 18 जून को बिहार में बंद का ऐलान, प्रदर्शन तेज, प्रदर्शनकारियों ने 12 ट्रेन फूंकी, मुजफ्फरपुर-भागलपुर इंटरसिटी के यात्री की मौत

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पूर्व मध्य रेलवे पर पड़ा है, जिसके अंतर्गत बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश के कई हिस्से आते हैं. खाली ट्रेन में आग लगा दी और कुछ अन्य ट्रेनों में तोड़फोड़ की. 12335 मालदा टाउन-लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस और 12273 हावड़ा-नयी दिल्ली दूरंतो एक्सप्रेस रद्द कर दी गयी हैं.

‘अग्निपथ’ योजना के विरोध में आज तीसरे दिन भी बिहार में आग ही आग दिखाई दिया. बिहार के 22 जिलों में छात्र-युवाओं का उत्पात बेबस और लाचार प्रशासन के आगे लगातार तीसरे दिन भी ट्रेन धू-धू कर जल कर जलती रही.

रेलवे को मुख्य रूप से निशाना बनाते हुए प्रदर्शनकारियों ने 12 ट्रेनें फूंक डाली. दानापुर व लखीसराय सहित कई स्‍टेशन भी आगे के हवाले कर दिया गया. जगह-जगह ट्रेनों पर पथराव किए गए. राज्य में अग्निपथ योजना के विरोध में लखीसराय में दो ट्रेनों में आग लगा दी गई. इस दौरान मुजफ्फरपुर-भागलपुर इंटरसिटी के एक यात्री की मौत हो गई.

सूत्रों के अनुसार, यात्री की मौत दहशत के कारण हो गई. जिस ट्रेन में आग लगाई गई, उसमें वो सवार थे. दानपुर स्‍टेशन पर भी तीन ट्रेनें जला दी गईं. स्‍टेशन भी आग के हवाले कर दिया गया. रेल पुलिस को भी निशाना बनाया गया है. जिन ट्रेनों में आग लगाई गई हैं, उनमे विक्रमिशला एक्सप्रेस, लोहित एक्सप्रेस, मुजफ्फरपुर भागलपुर इंटरसिटी, बिहार संपर्क क्रांति, इस्लामपुर-हटिया एक्सप्रेस, फरक्का एक्सप्रेस, मालदा एक्सप्रेस, जम्‍मू तवी-गुवाहाटी एक्‍सप्रेस सहित कई ट्रेने हैं. प्रदर्शकारियों के द्वारा ने जमकर उत्पात मचाते हुए एसी बोगी में तोड़फोड़ करते हुए लूटपाट की घटना को भी अंजाम दिये जाने की सूचना है.

रेल के साथ सड़क यातायात भी प्रभावित हुआ. इससे आम लोगों की परेशानी बढ़ गई. सासाराम में उपद्रवियों ने टोल प्लाजा पर तोड़फोड़ के बाद एक हिस्से में आग लगा दी. यहां सड़क पर उतरे छात्रों ने उपद्रव के दौरान ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी. इस घटना में एक पुलिस जवान के पैर में गोली लगी है. स्थिति पर काबू पाने के लिए पुलिस ने दर्जनों राउंड फायरिंग की.

दानापुर रेल मंडल के डीआरएम प्रभात कुमार ने बताया कि अग्निपथ योजना के विरोध में युवकों और छात्रों के उग्र प्रदर्शन को देखते हुए 5 इंटरसिटी एक्‍सप्रेस समेत 55 ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है. वहीं, सुरक्षा संबंधी चिंताओं को ध्‍यान में रखते हुए 100 से ज्‍यादा ट्रेनों का रूट बदल दिया गया है.

इसबीच प्रदर्शनकारियों द्वारा भारतीय रेल को निशाना बनाने के बाद अब भाजपा नेताओं को टारगेट किया जा रहा है. भाजपा नेताओं के घर पर हमला किया जा रहा है. जिसमें आज बेतिया में उप मुख्यमंत्री रेणु देवी के आवास पर हमला किया गया. इस दौरान उप मुख्यमंत्री के घर के खिड़कियों के शीशे तोड़ दिये गये.

आक्रोशित युवाओं की भीड़ ने बिहार प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष डॉ संजय जायसवाल के घर पर हमला करने की कोशिश की. बेतिया स्थित संजय जायसवाल के घर पर उपद्रवियों की ओर से जमकर पथराव किया गया. भीड ने जायसवाल के खिलाफ नारेबाजी की और उनके घर को जलाने की कोशिश की.

भीड ने भाजपा विधायक विनय बिहारी की गाड़ी पर हमला कर दिया. उनकी गाडी का शीशा तोड़ डाला और गाड़ी को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया. विनय बिहारी ने कहा कि वे जब बेतिया से गुजर रहे थे तभी अचानक भीड़ ने गाड़ियों पर हमला बोल दिया. इसमें वे भी फंस गए और उनकी गाड़ी को भीड़ ने निशाना बनाया.

आक्रोशित युवाओं का कहना था कि महज 4 साल के लिए भर्ती किया जाना रोजगार के अधिकार का हनन करना है. उन लोगों इस दौरान विधायक, सांसद पर भी तंज कसा और कहा कि क्या किसी विधायक, सांसद और मुख्यमंत्री का बेटे सेना में भर्ती है. सेना में केवल गरीब किसान का बेटा है. सरकार इन लोगों के साथ नाइंसाफी कर रही है. इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे.

केन्द्र की मोदी सरकार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है. इस बीच सेना में बहाली की नई प्रक्रिया को लेकर चल रहे विरोध का महागठबंधन ने समर्थन किया है. अब आइसा-इनौस, रोजगार संघर्ष संयुक्त मोर्चा और सेना भर्ती जवान मोर्चा ने 18 जून को बिहार बंद का आह्वान किया है.

इन संगठनों ने मोदी सरकार को 72 घण्टे का अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि यदि सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा से खिलवाड और युवाओं का मजाक उडाने वाली इस योजना को वापस नहीं लेती, तो 18 को बिहार बन्द और फिर भारत बंद की ओर बढ़ेंगे. जिसका वामदलों के छात्र संगठनों के अलावा दूसरे छात्र संगठनों द्वारा शनिवार को बिहार बंद का महागठबंधन ने समर्थन किया है.

वहीं राजद ने भी बंद के समर्थन की घोषणा की है. राजद के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह ने कहा कि सेना अभ्यर्थियों के इस आदोलन को महागठबंधन का नैतिक समर्थन है. छात्र-युवा नेताओं ने कहा कि यह योजना एक तरफ युवाओं के साथ क्रूर मजाक है तो दूसरी ओर देश की राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है. सेना की पूरी सरंचना को तहस-नहस करने वाली इस योजना को देश कभी स्वीकार नहीं करेगा. सेना के रिटायर्ड अधिकारी भी इसकी खुलकर मुखालफत पर उतर आए हैं.

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