राजद के राष्ट्रीय प्रधान महासचिव अब्दुल बारी सिद्दीकी का प्रेस कॉन्फ्रेंस — “बिहार में चल रहा है सरकार प्रायोजित जंगलराज!”

पटना | दिनांक – 02 नवंबर 2025
राजद के वरिष्ठ नेता एवं राष्ट्रीय प्रधान महासचिव अब्दुल बारी सिद्दीकी ने पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बिहार की एनडीए सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि “दुलारचंद यादव की हत्या इस सरकार द्वारा प्रायोजित जंगलराज की जिंदा मिसाल है।”

मुख्य आरोप और बयान कानून का दुरुपयोग और सबूतों की अनदेखी
सिद्दीकी ने कहा कि मोकामा हत्या कांड में पुलिस ने जानबूझकर देरी की ताकि सबूत नष्ट हो जाएं।
ग्रामीण एसपी और एसडीपीओ ने भी यह स्वीकार किया कि “एफआईआर अब तक दर्ज नहीं हुई क्योंकि आवेदन नहीं मिला।”
उन्होंने कहा कि “यह साफ दर्शाता है कि कानून को अपना काम नहीं करने दिया गया, यानी यही असली जंगलराज है।” अपराधी को क्लीनचिट, पीड़ित को अपराधी बताया गया
राजद नेता ने आरोप लगाया कि पुलिस की प्रेस विज्ञप्ति में दुलारचंद यादव को अपराधी दिखाया गया, जबकि अनंत सिंह को “विधायक” कहकर पहले ही क्लीनचिट दे दी गई। चुनाव आयोग पर भी निशाना
उन्होंने कहा कि “चुनाव आयोग अब केंद्र सरकार की एजेंसी बन चुका है।”
अनंत सिंह का 40 गाड़ियों का काफिला हथियारों के साथ घूमता रहा, लेकिन आयोग सोता रहा।
बिहार में अधिकारियों की पोस्टिंग जाति और राजनीतिक वफादारी के आधार पर की जा रही है।

अपराध बढ़ा, कानून व्यवस्था गिरती गई

सिद्दीकी ने NCRB के आंकड़े पेश करते हुए कहा —

> “2004 में बिहार में 1,15,216 संज्ञेय अपराध थे,
2024 में बढ़कर 3,52,000 से अधिक हो गए — यानी साढ़े तीन गुना वृद्धि।”

उन्होंने आरोप लगाया कि “मुख्यमंत्री आवास से ही ट्रांसफर-पोस्टिंग का उद्योग चल रहा है। पुलिस अपराध करवाती भी है और सत्ता-प्रेरित अपराधियों को बचाती भी है।”

प्रधानमंत्री और गृह मंत्री पर तीखा वार

सिद्दीकी ने कहा कि प्रधानमंत्री खुद मान चुके हैं कि 25 साल से जंगलराज है —

> “इसमें 20 साल एनडीए और सिर्फ 5 साल हमारी सरकार के हैं, तो हमें कौन-सा सर्टिफिकेट देंगे?”

 

उन्होंने भाजपा और एनडीए पर “झूठे वादों का झुनझुना” बजाने का आरोप लगाया।

“बिहार के लोगों को हर चुनाव से पहले सपने दिखाए जाते हैं — SEZ, उद्योग, विशेष राज्य का दर्जा — लेकिन सब कागज़ पर ही रह गया।”

विशेष राज्य दर्जा और उद्योग पर सवाल

सिद्दीकी बोले —“2004 से अब तक बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने का वादा भाजपा भूल गई।
अमित शाह खुद कहते हैं कि बिहार में जमीन नहीं है, इसलिए उद्योग नहीं लग सकता —
यानी बिहार सिर्फ मजदूर सप्लाई करेगा और फैक्ट्री गुजरात में लगेगी।”

उन्होंने कहा कि नवंबर 2024 में घोषित दो SEZ आज तक कागजों में ही हैं, और निवेश का पैसा गुजरात चला गया।

राजद की मांगें

अब्दुल बारी सिद्दीकी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्पष्ट मांग रखी:
चुनाव आयोग निष्पक्ष कार्रवाई करे और आदर्श आचार संहिता का पालन सुनिश्चित करे।
दुलारचंद यादव हत्या मामले की निष्पक्ष और त्वरित जांच की जाए।
दोषियों पर स्पीडी ट्रायल चलाकर सख्त सजा दी जाए।
एनडीए उम्मीदवारों द्वारा की जा रही आचार संहिता उल्लंघन की घटनाओं पर कठोर कार्रवाई हो।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद नेता

मंगनीलाल मंडल (प्रदेश अध्यक्ष, राजद)

डॉ. तनवीर हसन (उपाध्यक्ष, राजद)

बीनु यादव (राष्ट्रीय महासचिव)

चित्तरंजन गगन (प्रदेश प्रवक्ता)

सारीका पासवान (नेत्री, राजद)

> “बिहार में आज कानून नहीं, सत्ता का जंगलराज चल रहा है।
पुलिस और प्रशासन सत्ता के निर्देश पर काम कर रहे हैं।
यह ‘Reign of Terror’ बिहार की जनता अब और नहीं सहेगी।”
— अब्दुल बारी सिद्दीकी, राष्ट्रीय प्रधान महासचिव, राजद

Noida Desk
Author: Noida Desk

मुख्य संपादक (Editor in Chief)

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