बिहार की ‘लेडी सिंघम’ आईपीएस काम्या मिश्रा की पूरी कहानी

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बिहार की ‘लेडी सिंघम’ आईपीएस काम्या मिश्रा की पूरी कहानी

रिपोर्टर: तनवीर आलम शेख

बिहार की चर्चित महिला आईपीएस अधिकारी काम्या मिश्रा (IPS Kamya Mishra) ने हाल ही में अपने पद से इस्तीफा देकर सभी को चौंका दिया। मात्र 28 वर्ष की उम्र में उन्होंने पुलिस सेवा से त्यागपत्र देकर यह साबित कर दिया कि वे अपनी शर्तों पर जीवन जीना पसंद करती हैं। उन्हें ‘लेडी सिंघम’ के नाम से भी जाना जाता था, क्योंकि वे अपनी ईमानदारी, सख्ती और निर्भीक अंदाज के लिए मशहूर थीं।

काम्या मिश्रा 22 साल की उम्र में आईपीएस बनी थीं। उन्होंने 2019 में यूपीएससी परीक्षा पास की थी और ऑल इंडिया रैंक 172 हासिल की थी। उस समय उनकी उम्र मात्र 22 वर्ष थी, जो एक बड़ी उपलब्धि मानी जाती है।

हालांकि, 28 साल की उम्र में उन्होंने पुलिस सेवा से इस्तीफा दे दिया, जिससे यह गलतफहमी हो सकती है कि वे 28 में आईपीएस बनी थीं। लेकिन वास्तव में, वे 22 साल की उम्र में ही आईपीएस बन गई थीं।

लेकिन उनकी यह यात्रा आसान नहीं थी। यूपीएससी परीक्षा पास करने से लेकर आईपीएस बनने और फिर पुलिस सेवा छोड़ने तक की उनकी कहानी संघर्ष, सफलता और आत्मसम्मान की मिसाल है। इस रिपोर्ट में हम उनकी पूरी कहानी विस्तार से बताएंगे।

 प्रारंभिक जीवन और शिक्षा

ओडिशा में जन्म, बचपन से मेधावी छात्रा

काम्या मिश्रा का जन्म ओडिशा के एक मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ था। उनके माता-पिता उच्च शिक्षा प्राप्त थे और उन्होंने काम्या को भी पढ़ाई के लिए प्रेरित किया।

काम्या बचपन से ही मेधावी थीं। उन्होंने 12वीं कक्षा में 98% अंक हासिल किए थे, जिससे उनके परिवार और शिक्षकों को विश्वास हो गया था कि वे भविष्य में कुछ बड़ा करेंगी। उनके माता-पिता ने उन्हें दिल्ली भेजने का फैसला किया ताकि वे उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकें।

लेडी श्रीराम कॉलेज से ग्रेजुएशन

दिल्ली में उन्होंने लेडी श्रीराम कॉलेज (Lady Shri Ram College) से स्नातक की पढ़ाई की। कॉलेज में रहते हुए ही उन्होंने यूपीएससी परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी थी।

काम्या के लिए सिविल सेवा में जाना सिर्फ करियर का सवाल नहीं था, बल्कि समाज में बदलाव लाने का एक जरिया था। उन्होंने ठान लिया था कि वे आईपीएस बनकर कानून-व्यवस्था को सख्ती से लागू करेंगी और महिलाओं की सुरक्षा के लिए काम करेंगी।
यूपीएससी की परीक्षा और आईपीएस बनने का सफर

पहले ही प्रयास में मिली सफलता

काम्या मिश्रा ने 2019 में अपने पहले ही प्रयास में यूपीएससी परीक्षा पास कर ली। उन्होंने ऑल इंडिया रैंक 172 प्राप्त की और भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में चयनित हुईं।

उनकी यह उपलब्धि इस कारण भी खास थी क्योंकि यूपीएससी को भारत की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक माना जाता है। लाखों छात्र इस परीक्षा में बैठते हैं, लेकिन केवल कुछ ही सफल हो पाते हैं।

बिहार कैडर में मिली पोस्टिंग

आईपीएस बनने के बाद काम्या मिश्रा को बिहार कैडर आवंटित किया गया। उन्हें सबसे पहले पटना सचिवालय में सहायक पुलिस अधीक्षक (ASP) के रूप में तैनात किया गया।

पटना में उन्होंने महिलाओं से जुड़े अपराधों पर सख्ती से कार्रवाई शुरू की। उनके कार्यों की वजह से अपराधियों में खौफ और जनता में भरोसा बढ़ने लगा।

‘लेडी सिंघम’ की छवि और पुलिस सेवा के दौरान शानदार कार्य

दरभंगा ग्रामीण की एसपी बनीं

काम्या मिश्रा को उनकी काबिलियत के कारण जल्द ही दरभंगा ग्रामीण क्षेत्र का पुलिस अधीक्षक (SP) बना दिया गया। यह इलाका कानून-व्यवस्था की दृष्टि से संवेदनशील था, लेकिन उन्होंने यहां भी अपनी सख्ती से अपराधियों की नकेल कस दी।

बड़ी घटनाओं की जांच में निभाई अहम भूमिका

दरभंगा में काम्या मिश्रा ने कई हाई-प्रोफाइल मामलों को सुलझाया। इनमें पूर्व मंत्री मुकेश सहनी के पिता जीतन सहनी की हत्या का मामला सबसे महत्वपूर्ण था। उन्होंने इस हत्याकांड की गहराई से जांच की और अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुंचाया।

इसके अलावा, उन्होंने महिलाओं से जुड़े अपराधों के खिलाफ कई अभियान चलाए और लड़कियों को आत्मरक्षा की ट्रेनिंग दिलाने के लिए विशेष कार्ययोजना बनाई।

मीडिया में बनीं चर्चा का विषय

काम्या मिश्रा की कार्यशैली इतनी प्रभावशाली थी कि लोग उन्हें ‘लेडी सिंघम’ कहने लगे। उनके कई ऑपरेशन सोशल मीडिया और समाचार चैनलों पर सुर्खियों में रहे।

निजी जीवन और विवाह

आईपीएस अधिकारी से शादी

काम्या मिश्रा की पर्सनल लाइफ भी काफी चर्चा में रही। 2022 में उन्होंने अपने बैचमेट और बिहार कैडर के आईपीएस अधिकारी अवधेश सरोज दीक्षित से शादी कर ली। दोनों की जोड़ी को ‘पावर कपल’ कहा जाता था।

परिवार के साथ समय बिताने की चाहत

शादी के बाद भी काम्या मिश्रा पूरी तरह से अपने कर्तव्यों में लगी रहीं, लेकिन धीरे-धीरे उनके परिवार की प्राथमिकता बढ़ने लगी। उन्हें लगा कि पुलिस सेवा की व्यस्तता के कारण वे अपने निजी जीवन को पर्याप्त समय नहीं दे पा रही हैं। आईपीएस से इस्तीफा और नई राह

आखिर क्यों दिया इस्तीफा?

2024 में काम्या मिश्रा ने अचानक अपने पद से इस्तीफा देने की घोषणा कर दी। यह खबर चौंकाने वाली थी, क्योंकि वे अपने करियर के चरम पर थीं।

उन्होंने इस्तीफे के पीछे व्यक्तिगत कारणों का हवाला दिया। कहा जाता है कि वे अपने परिवार को अधिक समय देना चाहती थीं और एक नई दिशा में आगे बढ़ना चाहती थीं।

सरकार ने कबूल किया इस्तीफा

काम्या मिश्रा ने अगस्त 2024 में इस्तीफा दिया था, जिसे मार्च 2025 में गृह मंत्रालय ने स्वीकार कर लिया। इसके बाद वे आधिकारिक रूप से पुलिस सेवा से बाहर हो गईं। काम्या मिश्रा का वर्तमान और भविष्य की योजनाएं

क्या करेंगी आगे?

इस्तीफे के बाद लोग यह जानने के लिए उत्सुक हैं कि काम्या मिश्रा अब क्या करेंगी। अभी तक उन्होंने कोई स्पष्ट घोषणा नहीं की है, लेकिन कयास लगाए जा रहे हैं कि वे समाजसेवा या शिक्षा के क्षेत्र में कदम रख सकती हैं।

राजनीति में एंट्री के कयास

कुछ लोग यह भी मान रहे हैं कि वे राजनीति में आ सकती हैं। उनकी लोकप्रियता को देखते हुए कई राजनीतिक दल उन्हें अपने साथ जोड़ना चाहेंगे।

 काम्या मिश्रा की कहानी से सीख

संघर्ष, सफलता और आत्मसम्मान की मिसाल

काम्या मिश्रा की कहानी उन युवाओं के लिए प्रेरणा है जो सिविल सेवा में जाना चाहते हैं। उन्होंने यह साबित किया कि यदि आत्मविश्वास और मेहनत हो, तो कोई भी लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है।

महिलाओं के लिए आदर्श

उनका सफर खासतौर पर महिलाओं के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने दिखाया कि महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पुरुषों के बराबर खड़ी हो सकती हैं और अपनी पहचान बना सकती हैं।

आईपीएस काम्या मिश्रा की कहानी संघर्ष, मेहनत, सफलता और आत्मसम्मान का उदाहरण है। उन्होंने अपने कार्यकाल में न केवल कानून व्यवस्था को मजबूत किया बल्कि जनता के दिलों में भी जगह बनाई।

अब जब वे पुलिस सेवा छोड़ चुकी हैं, तो सभी की निगाहें इस पर होंगी कि वे आगे क्या करने वाली हैं। चाहे वे राजनीति में जाएं या समाजसेवा करें, उनकी कहानी हमेशा लाखों लोगों को प्रेरित करती रहेगी।

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