प्रतापगढ़ के पट्टी में जमीन के बैनामे को लेकर चली गोलियां, दो लोग घायल, इलाके में दहशत
प्रतापगढ़, उत्तर प्रदेश | एशियन टाइम्स नेटवर्क
यूपी के प्रतापगढ़ जिले के पट्टी कस्बे में सोमवार को उस समय हड़कंप मच गया जब जमीन के बैनामे के लिए पहुंचे लोगों पर अज्ञात हमलावरों ने अचानक ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। इस गोलीकांड में दो लोग गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। पूरे कस्बे में अफरातफरी का माहौल है।
घटना का विवरण:
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कुछ लोग एक जमीन की रजिस्ट्री कराने पट्टी तहसील के पास पहुंचे थे। तभी वहां घात लगाए बैठे हमलावरों ने अचानक गोलियां बरसाना शुरू कर दी। गोलियों की आवाज से बाजार में भगदड़ मच गई। दो लोग गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
घटना के बाद माहौल:
घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल बन गया। दुकानदारों ने अपने शटर गिरा दिए और आम लोग इधर-उधर भागने लगे।
प्रशासन की कार्रवाई:
सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई। मौके पर पट्टी, कोतवाली नगर, महेशगंज और आस-पास के चार थानों की पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई। स्वयं पुलिस अधीक्षक (एसपी) प्रतापगढ़ भी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। मौके से कई खोखा (गोलियों के खोल) बरामद किए गए हैं।
एसपी का बयान:
एसपी ने मीडिया को बताया, “घटना की गंभीरता को देखते हुए मामले की जांच की जा रही है। घायलों का इलाज चल रहा है। कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।”
प्रारंभिक कारण:
बताया जा रहा है कि यह पूरा विवाद एक जमीन के बैनामे को लेकर हुआ। कुछ लोगों को यह बैनामा रद्द करवाना था, जिसको लेकर पहले से ही विवाद चल रहा था। पुलिस इस एंगल की भी जांच कर रही है कि हमला सुनियोजित था या तात्कालिक झगड़े का परिणाम।
स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया:
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि पट्टी तहसील और आस-पास के इलाकों में जमीन विवाद आम होते जा रहे हैं। प्रशासन को पहले से ऐसी स्थितियों के प्रति सतर्क रहना चाहिए।
घायलों की स्थिति:
दोनों घायलों की पहचान अभी स्पष्ट नहीं हुई है, लेकिन अस्पताल सूत्रों के अनुसार उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।
जांच जारी:
फिलहाल पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है और फॉरेंसिक टीम भी मौके पर बुलाई गई है। घटना स्थल को सील कर दिया गया है और पुलिस आसपास के संदिग्धों से पूछताछ कर रही है।

Author: Bihar Desk
मुख्य संपादक (Editor in Chief)