हत्या के पाप से मुक्ति और मोक्ष की चाह में दी जान
राजगीर सामूहिक सुसाइड मिस्ट्री का खुलासा |

राजगीर (नालंदा), बिहार:
बिहार के मशहूर टूरिस्ट डेस्टिनेशन राजगीर में सामने आई चार मौतों की रहस्यमयी गुत्थी सुलझ गई है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि यह कोई हादसा नहीं, बल्कि गिल्ट (अपराध-बोध) और मोक्ष की चाह में किया गया सामूहिक आत्महत्या (Mass Suicide) का मामला है। दिल दहला देने वाली इस घटना में बेंगलुरु के एक ही परिवार के चार सदस्यों ने अपनी जान दे दी।
कमरा नंबर 6AB में क्या मिला
शुक्रवार सुबह दिगंबर जैन धर्मशाला के कमरा नंबर 6AB से जब असहनीय बदबू आने लगी, तो स्टाफ ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। दरवाजा तोड़े जाने पर अंदर का दृश्य रोंगटे खड़े कर देने वाला था—
कमरे के चारों कोनों में चार शव फंदे से लटके हुए मिले।
मृतकों की पहचान
पुलिस के मुताबिक मृतक बेंगलुरु के नागासंद्रा निवासी थे
जी.आर. नागा प्रसाद (30)
उनकी दिव्यांग मां जी.आर. सुमंगलादो बहनें शिल्पा और श्रुता आत्महत्या के पीछे की वजह 
जांच में सामने आया कि परिवार अपने भतीजे की हत्या के मामले से गहरे अपराध-बोध में था। माना जा रहा है कि जेल से छूटने के बाद वे प्रायश्चित और मोक्ष की भावना से प्रेरित होकर राजगीर पहुंचे—जिसे वे पवित्र भूमि मानते थे—और यहीं सामूहिक आत्महत्या कर ली।
पुलिस क्या कह रही है
कमरे से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है
हालांकि परिवार के बयान, डिजिटल साक्ष्य और पृष्ठभूमि से आत्महत्या की पुष्टि हुई
पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच जारी है
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह मामला मानसिक दबाव, अपराध-बोध और धार्मिक आस्था के खतरनाक मेल की ओर इशारा करता है।
Author: Noida Desk
मुख्य संपादक (Editor in Chief)







