अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से टैरिफ बढ़ाने की धमकियों और वैश्विक व्यापार तनाव के चलते भारतीय शेयर बाजार पूरे सप्ताह दबाव में रहा। सोमवार से शुक्रवार तक के कारोबारी सत्रों में सेंसेक्स करीब 2200 अंक टूट गया, जबकि निफ्टी में 2.5 फीसदी से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। इस भारी गिरावट के कारण निवेशकों की संपत्ति में 13 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की सेंध लग गई।
सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को बाजार में तेज बिकवाली देखने को मिली। सेंसेक्स 604 अंक गिरकर 83,576 के स्तर पर बंद हुआ, वहीं निफ्टी 193 अंक फिसलकर 25,683 पर आ गया। निफ्टी बैंक इंडेक्स में भी 435 अंकों की गिरावट दर्ज की गई। बीएसई के टॉप-30 शेयरों में से 21 शेयर लाल निशान पर बंद हुए, जबकि केवल 9 शेयरों में ही मजबूती दिखी।
पिछले पांच कारोबारी दिनों में सेंसेक्स कुल 2186 अंक टूट चुका है। इस दौरान बीएसई का मार्केट कैप लगातार घटता रहा और कुल मिलाकर 13 लाख करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ। गिरावट का असर मिड-कैप और स्मॉल-कैप शेयरों पर भी साफ नजर आया।
विशेषज्ञों के अनुसार, रूस से तेल आयात करने वाले देशों के खिलाफ अमेरिका की संभावित व्यापारिक कार्रवाइयों, वैश्विक बाजारों में कमजोरी और विदेशी निवेशकों की बिकवाली ने बाजार की धारणा को कमजोर किया है। आने वाले दिनों में निवेशक वैश्विक संकेतों और अमेरिकी नीतियों पर करीबी नजर बनाए हुए हैं।
@MUSKAN KUMARI







