पटना। NEET छात्रा की मौत के मामले में SIT की जांच से पीड़ित परिवार संतुष्ट नहीं है। सूत्रों के मुताबिक, विशेष जांच दल (SIT) अपनी जांच लगभग पूरी कर चुका है और पूरी रिपोर्ट गृह मंत्री सम्राट चौधरी को सौंप दी गई है। जांच रिपोर्ट में पटना के भीतर किसी भी तरह की आपराधिक घटना से स्पष्ट तौर पर इनकार किया गया है।
बताया जा रहा है कि मामले का खुलासा करने से पहले गृह मंत्री परिजनों को संतुष्ट करना चाहते थे। इसी उद्देश्य से DGP की पहल पर पीड़ित परिवार को बुलाया गया और उन्हें SIT की पूरी जांच रिपोर्ट दिखाई गई। बैठक के दौरान CCTV फुटेज से लेकर अब तक की गई जांच की पूरी जानकारी परिवार को दी गई, लेकिन इसके बावजूद परिजन रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं हुए और जांच की निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर दिए।
पटना में छात्राओं का न्याय मार्च
इधर, NEET छात्रा की मौत को लेकर पटना विश्वविद्यालय की छात्राएं सड़कों पर उतर आईं। छात्राओं ने मगध महिला कॉलेज से कारगिल चौक तक ‘बेटी बचाओ न्याय मार्च’ निकाला। कारगिल चौक पर पहुंचकर छात्राओं ने जोरदार प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
प्रदर्शन कर रहीं छात्राओं ने मांग की कि छात्रा की मौत की जांच CBI से कराई जाए। छात्राओं का कहना था कि जब तक निष्पक्ष जांच नहीं होगी, तब तक पीड़िता को न्याय नहीं मिल सकता। उन्होंने नारे लगाते हुए कहा— “सम्राट चौधरी बेटियों को सुरक्षा दो” और “NEET छात्रा की मौत की CBI जांच कराओ”।
SIT को मिले नए साक्ष्य
इस बीच पुलिस ने बताया कि छात्रा के मोबाइल फोन का डेटा रिकवर कर लिया गया है और उसका विश्लेषण किया जा रहा है। जांच के दौरान SIT को स्नैपचैट से भी अहम साक्ष्य हाथ लगे हैं। अब SIT की जांच की दिशा तीन संदिग्धों पर केंद्रित हो गई है।
अधिकारियों के मुताबिक, DNA सैंपल की रिपोर्ट आज शाम तक आने की संभावना है। माना जा रहा है कि विधानसभा सत्र शुरू होने से पहले प्रशासन इस मामले का खुलासा कर सकता है। मामले को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।
Author: Noida Desk
मुख्य संपादक (Editor in Chief)







