जनता दल (यूनाइटेड) में आरसीपी सिंह की संभावित वापसी को लेकर राजनीतिक अटकलें एक बार फिर तेज हो गई हैं। मौका था पटेल सेवा संघ के एक कार्यक्रम का, जहां मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और आरसीपी सिंह की मौजूदगी ने सियासी हलकों में चर्चाओं को हवा दे दी। हालांकि दोनों नेता कार्यक्रम में अलग-अलग समय पर पहुंचे और मंच साझा नहीं किया, लेकिन कार्यक्रम के बाद आरसीपी सिंह के बयान ने राजनीतिक संकेत साफ कर दिए।
मीडिया से बातचीत में आरसीपी सिंह ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को अपना “अभिभावक” बताते हुए कहा कि उनका रिश्ता किसी पद या मौके तक सीमित नहीं है। उन्होंने कहा, “नीतीश कुमार के साथ मेरा रिश्ता पिछले 25 वर्षों का है। हम कई कार्यक्रमों में पहले भी साथ आते रहे हैं। आज पटेल परिवार की ओर से आयोजन था, जिसमें मुख्यमंत्री आए और बाद में हम भी पहुंचे। इसके लिए हम उनका धन्यवाद करते हैं।”
जब पटेल परिवार की उस अपील पर सवाल किया गया, जिसमें नीतीश कुमार और आरसीपी सिंह को फिर से एक साथ आने की बात कही गई थी, तो आरसीपी सिंह ने कहा, “आप ही बताइए, हम दोनों कहां से अलग हैं? हम 25 साल तक साथ रहे हैं। जितना हम नीतीश कुमार को जानते हैं, उतना शायद कोई और नहीं जानता और उतना ही वह भी हमें जानते हैं।”
जेडीयू में वापसी को लेकर पूछे गए सवाल पर आरसीपी सिंह ने संकेतात्मक जवाब देते हुए कहा, “खरमास के बाद सब साफ हो जाएगा।” इसके साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भारत रत्न देने की मांग का भी खुलकर समर्थन किया। आरसीपी सिंह के इन बयानों के बाद जेडीयू में उनकी वापसी को लेकर सियासी सरगर्मी और तेज हो गई है।
@MUSKAN KUMARI







