बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा एक महिला डॉक्टर का हिजाब हटाने से जुड़ा मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। इस प्रकरण पर मशहूर लेखक और गीतकार जावेद अख्तर ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि वे किसी भी तरह के कट्टरपंथ के खिलाफ हैं, लेकिन इसका यह मतलब नहीं कि किसी महिला के साथ सार्वजनिक मंच पर इस तरह का व्यवहार सही ठहराया जाए। जावेद अख्तर ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को उस महिला डॉक्टर से बिना शर्त माफी मांगनी चाहिए और इस घटना की वे स्पष्ट रूप से निंदा करते हैं।
वहीं दूसरी ओर, एनडीए के नेता इस मामले में मुख्यमंत्री के बचाव में उतर आए हैं। केंद्रीय मंत्री और भाजपा सांसद गिरिराज सिंह ने हिजाब हटाने को उचित ठहराते हुए कहा कि नीतीश कुमार ने कोई गलत काम नहीं किया। उनका कहना था कि यदि कोई नियुक्ति पत्र लेने जा रहा है तो क्या वह अपना चेहरा नहीं दिखाएगा, और भारत कोई इस्लामिक देश नहीं है। इसी तरह केंद्रीय मंत्री और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने भी नीतीश कुमार का समर्थन करते हुए कहा कि यह घटना अनजाने में हुई होगी और इसे धर्म के चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का इरादा गलत नहीं था और संभव है उन्होंने बेटी समझकर ऐसा किया हो।
इस बीच एआईएमआईएम के पूर्व सांसद इम्तियाज जलील ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री संजय निषाद को लेकर तीखी टिप्पणी की, जिसे लेकर सियासी माहौल और गर्म हो गया है। उन्होंने बयान देते हुए कहा कि यदि ऐसी घटनाएं महाराष्ट्र में होतीं तो स्थिति कुछ और होती। उनके बयान के बाद राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो गई है।
उल्लेखनीय है कि यह घटना 15 दिसंबर को बिहार में आयोजित एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान हुई थी, जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार नियुक्ति पत्र बांट रहे थे। इसी दौरान एक महिला डॉक्टर हिजाब पहनकर मंच पर पहुंची, जिस पर मुख्यमंत्री ने सवाल उठाते हुए कथित तौर पर अपने हाथ से हिजाब हटा दिया। इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली।
इधर, महिला डॉक्टर नुसरत परवीन ने परिवार के समझाने के बाद नौकरी जॉइन करने का फैसला कर लिया है। वे देर रात कोलकाता से पटना लौटी हैं और उम्मीद है कि वह शुक्रवार को अपनी ड्यूटी जॉइन कर सकती हैं। वहीं इस मामले में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खिलाफ देश के अलग-अलग राज्यों में शिकायतें दर्ज कराई गई हैं। बेंगलुरु और लखनऊ के बाद अब रांची में भी एफआईआर दर्ज की गई है। रांची के डोरंडा थाना क्षेत्र में सामाजिक कार्यकर्ता मो. मुर्तजा आलम ने लिखित शिकायत देकर कहा है कि यह मामला अब व्यक्तिगत न होकर सार्वजनिक महत्व का बन चुका है और सार्वजनिक मंच पर धार्मिक पोशाक के साथ इस तरह का व्यवहार महिला की गरिमा पर सीधा हमला है।
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भी समाजवादी पार्टी की प्रदेश प्रवक्ता और मशहूर शायर मुनव्वर राणा की बेटी सुमैया राणा ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और यूपी सरकार के मंत्री संजय निषाद के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। अपनी शिकायत में उन्होंने आरोप लगाया कि सार्वजनिक मंच पर एक महिला का हिजाब हटाना बेहद शर्मनाक है और यह मानसिक असंवेदनशीलता को दर्शाता है। उन्होंने संजय निषाद के बयान को भी आपत्तिजनक बताते हुए कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल हिजाब विवाद को लेकर देशभर में सियासी और सामाजिक बहस तेज हो गई है।
@Tanya Singh
Author: BiharlocalDesk
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