सोमनाथ मंदिर के जीर्णोद्धार के 75 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शौर्य यात्रा, वैदिक मंत्रोच्चार और भजनों के बीच देश को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने विपक्ष पर तीखा हमला करते हुए कहा कि कुछ दल आज भी ‘गुलाम मानसिकता’ से ग्रस्त हैं, जिसने आज़ादी के बाद भारत के गौरवशाली इतिहास को दबाने का प्रयास किया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि लगभग 1000 वर्ष पहले महमूद गजनी के विध्वंसक आक्रमण के बावजूद सोमनाथ मंदिर आज भी भारतीय चेतना और आस्था का प्रतीक बनकर सीना तानकर खड़ा है। उन्होंने 1000 सेकंड तक सामूहिक ओंकार नाद और शौर्य यात्रा के माध्यम से उन वीरों को नमन किया, जिन्होंने इस पवित्र धरोहर की रक्षा के लिए बलिदान दिया।
पीएम मोदी ने पिछली सरकारों पर आरोप लगाते हुए कहा कि जानबूझकर सोमनाथ मंदिर के इतिहास को भुलाने और भारत के नायकों की गाथाओं को दबाने की कोशिशें की गईं। उन्होंने कहा कि लोगों को यह सिखाया गया कि सोमनाथ को केवल लूट के लिए तोड़ा गया था, जबकि असली इतिहास पीढ़ियों तक छिपाया गया। प्रधानमंत्री के अनुसार, मजहबी उन्माद को साधारण लूट बताकर ढकने के लिए किताबें लिखी गईं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सोमनाथ मंदिर एक नहीं, बल्कि कई बार तोड़ा गया, लेकिन हर बार भारत की आस्था और सांस्कृतिक शक्ति ने उसे पुनः खड़ा किया। उन्होंने इसे आधुनिक तकनीक और प्राचीन विरासत के संगम के रूप में बताते हुए कहा कि यह आयोजन भारत के सांस्कृतिक पुनर्जागरण का वैश्विक संदेश दे रहा है।
@MUSKAN KUMARI







