केंद्र सरकार ने जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की हिरासत को तुरंत प्रभाव से रद्द करने का फैसला किया है। यह जानकारी गृह मंत्रालय ने शनिवार को दी। मंत्रालय के अनुसार यह निर्णय राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत प्राप्त अधिकारों का उपयोग करते हुए लिया गया है।
मंत्रालय ने कहा कि सरकार लद्दाख में शांति, स्थिरता और आपसी विश्वास का वातावरण बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी उद्देश्य से वांगचुक की हिरासत समाप्त करने का निर्णय लिया गया है, ताकि सभी संबंधित पक्षों के साथ रचनात्मक और सार्थक संवाद आगे बढ़ाया जा सके।
मंत्रालय के अनुसार सरकार लद्दाख के विभिन्न समुदायों, नेताओं और अन्य हितधारकों के साथ लगातार बातचीत कर रही है, ताकि क्षेत्र के लोगों की चिंताओं और मांगों का समाधान निकाला जा सके। हालांकि हाल के दिनों में बंद और विरोध प्रदर्शनों के कारण सामाजिक वातावरण प्रभावित हुआ है। इसका असर छात्रों, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं, व्यापारियों, पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों और क्षेत्र की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ा है।
सरकार ने अपने बयान में कहा कि लद्दाख की सुरक्षा और स्थिरता के लिए आवश्यक सभी उपाय किए जाएंगे। मंत्रालय ने उम्मीद जताई कि क्षेत्र से जुड़े मुद्दों का समाधान रचनात्मक बातचीत और आपसी संवाद के माध्यम से निकाला जाएगा। इसके लिए सरकार द्वारा गठित उच्च स्तरीय समिति और अन्य उपयुक्त मंचों का भी उपयोग किया जाएगा।
कब और क्यों हुई थी गिरफ्तारी
लद्दाख में 24 सितंबर 2025 को कानून-व्यवस्था की गंभीर स्थिति बनने के बाद 26 सितंबर 2025 को जिला मजिस्ट्रेट के आदेश पर वांगचुक को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत हिरासत में लिया गया था। यह कदम सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया था।
उच्चतम न्यायालय ने भी किया था हस्तक्षेप
इस मामले में इससे पहले उच्चतम न्यायालय ने भी हस्तक्षेप किया था। 26 फरवरी को अदालत ने वांगचुक की हिरासत को चुनौती देने वाली याचिका पर अंतिम सुनवाई के लिए 10 मार्च की तारीख तय की थी। अदालत ने यह भी सवाल उठाया था कि क्या उनके भाषण और सामाजिक माध्यमों पर किए गए वक्तव्य वास्तव में भड़काऊ थे और क्या उनका 24 सितंबर 2025 को लेह में हुई हिंसा से कोई प्रत्यक्ष संबंध था।
सरकार का कहना है कि आगे का रास्ता आपसी संवाद और समझ से ही निकलेगा, ताकि लद्दाख में शांति और विकास दोनों सुनिश्चित किए जा सकें।
@MUSKAN KUMARI







