जयपुर में गुरुवार को आयोजित होने वाली भारतीय सेना दिवस परेड इस वर्ष ऐतिहासिक बनने जा रही है। पहली बार सेना दिवस की परेड किसी सैन्य छावनी के बाहर, शहर के बीच आयोजित की जा रही है। यह भव्य परेड जयपुर के जगतपुरा क्षेत्र में महल रोड पर होगी, जहां आम नागरिक भारतीय सेना की ताकत, तकनीक और तैयारियों को बेहद करीब से देख सकेंगे।
परेड में भारतीय सेना अपने आधुनिक हथियारों, सैन्य वाहनों, ड्रोन और रक्षा प्रणालियों का व्यापक प्रदर्शन करेगी। खास आकर्षण के रूप में हाल ही में गठित भैरव बटालियन पहली बार जनता के सामने नजर आएगी। यह बटालियन सेना के पुनर्गठन के तहत बनाई गई है और इसे पैरा स्पेशल फोर्स तथा सामान्य पैदल सेना के बीच की एक विशेष इकाई के रूप में विकसित किया गया है, जो तेज और सटीक हमले में सक्षम है।
सेना के अधिकारियों के अनुसार, आधुनिक युद्ध में तकनीक, ड्रोन और इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम की भूमिका तेजी से बढ़ी है। भैरव बटालियन को इसी हाइब्रिड युद्ध की चुनौतियों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, ताकि पहाड़ों, रेगिस्तान और दुर्गम इलाकों में भी त्वरित कार्रवाई की जा सके।
परेड में सेना की तोपखाना और रॉकेट शक्ति का भी प्रदर्शन होगा। इसमें ब्रह्मोस क्रूज मिसाइल, पिनाका मल्टी बैरल रॉकेट लॉन्चर, बीएम-21 ग्रैड और स्मर्च रॉकेट सिस्टम शामिल होंगे। इसके साथ ही एडवांस्ड टोइड आर्टिलरी गन सिस्टम और एम-777 अल्ट्रा लाइट होवित्जर जैसी आधुनिक तोप प्रणालियां भी प्रदर्शित की जाएंगी।
हवाई रक्षा प्रणाली के अंतर्गत स्वदेशी आकाशतीर सिस्टम और इग्ला मिसाइल सिस्टम को दिखाया जाएगा। आकाशतीर ने हाल के अभियानों में दुश्मन ड्रोन को मार गिराकर अपनी प्रभावशीलता साबित की है। सूर्यास्त्र रॉकेट सिस्टम भी परेड का हिस्सा होगा।
इस वर्ष की परेड में मैन-अनमैंड टीमिंग की झलक भी देखने को मिलेगी, जिसमें सैनिकों के साथ ड्रोन और मानवरहित वाहन निगरानी, हमला और रसद पहुंचाने जैसे कार्य करते नजर आएंगे। कई कामिकाजे ड्रोन, रोबोटिक म्यूल, रोबो डॉग, सोलर पावर्ड ड्रोन, मानवरहित ग्राउंड वाहन, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम और आधुनिक संचार साधनों का भी प्रदर्शन किया जाएगा।
इसके अलावा टैंक, बख्तरबंद वाहन, नए इलेक्ट्रिक ऑल-टेर्रेन वाहन, अपाचे अटैक हेलीकॉप्टर और स्वदेशी प्रचंड लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर परेड की शोभा बढ़ाएंगे।
गौरतलब है कि हर वर्ष 15 जनवरी को सेना दिवस मनाया जाता है। यह दिन 1949 की उस ऐतिहासिक घटना की याद दिलाता है, जब जनरल के.एम. करियप्पा ने भारतीय सेना की कमान संभाली और स्वतंत्र भारत के पहले भारतीय सेना प्रमुख बने।
@MUSKAN KUMARI







