इजरायल ने सीरिया-लेबनान सीमा पर चार प्रमुख क्रॉसिंग पॉइंट्स को निशाना बनाते हुए भीषण हवाई हमले किए। इजरायली सेना का दावा है कि इन रास्तों का इस्तेमाल हिज़्बुल्लाह द्वारा हथियारों की तस्करी के लिए किया जा रहा था। इन हमलों से पहले दक्षिणी लेबनान में किए गए हमलों में कम से कम दो लोगों की मौत हो गई, जबकि लगभग 20 लोग घायल हो गए।
लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन ने इजरायल की कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए इसे “नागरिकों को सीधे निशाना बनाने वाली व्यवस्थित आक्रामक नीति” करार दिया। उन्होंने कहा कि रिहायशी इलाकों पर हवाई हमले संघर्षविराम समझौते का खुला उल्लंघन हैं।
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, दक्षिणी कस्बे क़नारीत में हुए हवाई हमलों में 19 लोग घायल हुए, जिनमें पत्रकार भी शामिल हैं। सरकारी समाचार एजेंसी के मुताबिक, इजरायली युद्धक विमानों ने अल-ख़रायब, अल-अंसार, क़नारीत, कफूर और जर्जूह समेत कई गांवों और कस्बों में इमारतों को निशाना बनाया।
इससे पहले, सिडोन ज़िले के ज़हरानी और टायर ज़िले के बाज़ुरियेह में वाहनों पर हुए हमलों में दो लोगों की मौत हो गई। घटनास्थल पर जली हुई गाड़ियाँ और मलबा बिखरा देखा गया।
इजरायली सेना ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि उसने सीमा पर हथियार तस्करी से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाया और दक्षिणी लेबनान में एक “प्रमुख हथियार तस्कर” को मार गिराया। वहीं, लेबनानी सेना ने इन हमलों को देश की संप्रभुता और नवंबर 2024 में हुए संघर्षविराम समझौते का गंभीर उल्लंघन बताया।
लेबनानी सेना ने कहा कि ऐसे हमले हिज़्बुल्लाह के निरस्त्रीकरण से जुड़े प्रयासों को भी प्रभावित कर रहे हैं। गौरतलब है कि संघर्षविराम के बावजूद अब तक लेबनान में 350 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।
@MUSKAN KUMARI







