बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इन दिनों समृद्धि यात्रा पर हैं। इसी क्रम में मंगलवार को वे गोपालगंज पहुंचे, जहां उन्होंने जिले को करोड़ों रुपये की विकास योजनाओं की सौगात दी। मुख्यमंत्री ने जनसभा को संबोधित करते हुए अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं और कहा कि राज्य में विकास कार्यों को ज़मीनी स्तर तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है।
कार्यक्रम के दौरान उस समय माहौल अचानक सख्त हो गया, जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गोपालगंज के सांसद डॉ. आलोक कुमार सुमन को खुले मंच से फटकार लगा दी। सरकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि “क्या हम आपको इसलिए ही दिल्ली भेजे थे?” उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सांसदों की जिम्मेदारी है कि वे केंद्र सरकार की योजनाओं को अपने क्षेत्र में प्रभावी ढंग से लागू कराएं। सोलर पैनल से जुड़ी योजनाओं पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने सांसद को जनता के प्रति जवाबदेही का पाठ पढ़ाया।
समृद्धि यात्रा के तहत मुख्यमंत्री ने बतरदेह बांध का निरीक्षण कर जल संसाधन और सिंचाई व्यवस्था की स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों से बांध की सुरक्षा और भविष्य की योजनाओं को लेकर विस्तृत जानकारी प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने 24 विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण किया, जहां विभिन्न सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों को प्रदर्शित किया गया था। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिया कि योजनाओं का लाभ सीधे जनता तक पहुंचे।
इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने बरौली प्रखंड स्थित निर्माणाधीन प्रखंड भवन का निरीक्षण किया और निर्माण कार्य में गुणवत्ता व समयसीमा का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। उन्होंने चेतावनी दी कि विकास कार्यों में लापरवाही और देरी किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कुल मिलाकर, गोपालगंज दौरे के दौरान मुख्यमंत्री का सख्त और सक्रिय प्रशासनिक रुख साफ तौर पर देखने को मिला।
@MUSKAN KUMARI







