ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की हत्या के बाद भारत के कई हिस्सों में शोक और विरोध के स्वर देखने को मिले। श्रीनगर से लेकर बेंगलुरु तक विभिन्न स्थानों पर शोक मार्च, प्रार्थना सभाएं और श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए गए।
श्रीनगर में बड़ी संख्या में लोगों ने सड़कों पर उतरकर शोक जुलूस निकाले। कई इलाकों में काले झंडे और खामेनेई की तस्वीरें लेकर लोगों ने मातमी मार्च किया और नारे लगाए। सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई और संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त बल तैनात किया गया।
वहीं बेंगलुरु में भी सैकड़ों लोग एकजुट होकर एकजुटता मार्च में शामिल हुए। श्रद्धांजलि सभा और दुआओं के साथ लोगों ने खामेनेई को श्रद्धांजलि दी और इस घटना की निंदा की।
कर्नाटक के चिक्कबल्लापुर जिले के अलीपुर गांव में भी तीन दिन का शोक घोषित किया गया। स्थानीय लोगों ने जुलूस निकाला, दुकानें बंद रखीं और सामूहिक प्रार्थना सभाएं आयोजित कीं।
बताया जा रहा है कि खामेनेई की मौत संयुक्त अमेरिकी-इजरायली हवाई हमले में हुई, जिसके बाद दुनिया के कई देशों में विरोध, शोक और अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।
@MUSKAN KUMARI






