बिहार की राजनीति में उस समय सियासी हलचल तेज हो गई जब उपमुख्यमंत्री और गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को लेकर कड़ा बयान दिया। एक निजी टीवी चैनल से बातचीत में सम्राट चौधरी ने कहा कि लालू यादव की जब्त की गई संपत्तियों का इस्तेमाल अब निजी हित के बजाय जनहित में किया जाएगा और इन संपत्तियों में सरकारी स्कूल खोले जाएंगे। उन्होंने लालू यादव को “दोषसिद्ध अपराधी” बताते हुए 950 करोड़ रुपये के चारा घोटाले का हवाला दिया और कहा कि इस मामले में CBI और प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कानून के तहत कार्रवाई करते हुए उनकी कई संपत्तियों को अटैच किया है। सम्राट चौधरी ने यह भी बताया कि संजय गांधी जैविक उद्यान के पास स्थित एक बहुमंजिला इमारत, जो करीब दो दशकों से बंद पड़ी है, की मरम्मत और रंग-रोगन के बाद वहां बच्चों के लिए सरकारी स्कूल खोले जाएंगे।
इस बयान के बाद 10 सर्कुलर रोड स्थित राबड़ी आवास को खाली कराने का मामला भी फिर से चर्चा में आ गया है। बिहार भवन निर्माण विभाग ने इस आवास को विधान परिषद की आवश्यकता बताते हुए खाली करने का नोटिस जारी किया है और लालू परिवार को हर्डिंग रोड स्थित बंगला संख्या-39 आवंटित किया गया है। हालांकि, राजद नेताओं का कहना है कि लालू-राबड़ी परिवार किसी नए सरकारी आवास में शिफ्ट होने के पक्ष में नहीं है और वे इसे राजनीतिक दबाव के रूप में देख रहे हैं। पार्टी सूत्रों के अनुसार, परिवार दानापुर के महुआबाग इलाके में बन रहे अपने निजी आवास में जाने की तैयारी कर रहा है, जो लगभग बनकर तैयार है और आधुनिक सुविधाओं से लैस बताया जा रहा है।

वहीं, राबड़ी आवास खाली करने के आदेश को लेकर कानूनी विकल्पों पर भी विचार किया जा रहा है और इस मामले में अदालत का रुख किया जा सकता है। पूरे घटनाक्रम ने बिहार की राजनीति में नई सियासी गर्मी पैदा कर दी है। एक ओर सरकार इसे कानून और जनहित से जुड़ा कदम बता रही है, तो दूसरी ओर राजद इसे बदले की राजनीति करार दे रहा है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक टकराव और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।
@Tanya Singh
Author: BiharlocalDesk
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