संसद परिसर में गुरुवार को कांग्रेस सांसद शशि थरूर और राहुल गांधी के बीच एक संक्षिप्त लेकिन अहम मुलाकात हुई। इस बातचीत के बाद थरूर ने मुस्कुराते हुए कहा कि “सब ठीक है”, जिससे पार्टी के भीतर चल रही असहमति और तनाव की चर्चाओं पर फिलहाल विराम लग गया। थरूर ने राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के साथ हुई बातचीत को रचनात्मक और सकारात्मक बताते हुए कहा कि अब वे और पार्टी नेतृत्व एक ही सोच पर सहमत हैं।
पिछले कुछ महीनों से शशि थरूर और कांग्रेस नेतृत्व के बीच मतभेदों की खबरें सामने आ रही थीं। थरूर ने स्वीकार किया था कि उनके कुछ मुद्दे हैं, जिन्हें वे पार्टी मंच पर रखना चाहते हैं। विवाद तब और गहरा गया जब वे पार्टी की एक अहम बैठक में शामिल नहीं हुए, हालांकि बाद में उन्होंने स्पष्ट किया कि इसकी जानकारी नेतृत्व को पहले ही दे दी गई थी।
तनाव की चर्चा उस वक्त तेज हो गई थी जब थरूर ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकट प्रबंधन की सराहना की थी और बाद में एक अंतरदलीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व स्वीकार किया। इसके साथ ही वंशवादी राजनीति पर लिखे उनके लेख और प्रधानमंत्री के भाषण की प्रशंसा ने भी पार्टी के भीतर असहजता बढ़ाई थी।
हालांकि थरूर लगातार यह कहते रहे कि उनकी टिप्पणियां राष्ट्रहित से प्रेरित हैं और उनका किसी राजनीतिक दल में जाने का इरादा नहीं है। अब राहुल गांधी से मुलाकात के बाद माना जा रहा है कि कांग्रेस के भीतर चल रहे मतभेद काफी हद तक सुलझ गए हैं।
@MUSKAN KUMARI







