लखनऊ। राज्यसभा में सोमवार को कांग्रेस के उपनेता प्रमोद तिवारी ने भारत निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आयोग को कांग्रेस नेता राहुल गांधी के हालिया आरोपों पर तत्काल प्रतिक्रिया देनी चाहिए, ताकि मतदाता सूची में गड़बड़ी के मामले में सच्चाई जनता के सामने आ सके।
प्रयागराज में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए तिवारी ने कहा, “विपक्षी दल के नेता के तौर पर हम संसद भवन से निर्वाचन आयोग तक मार्च निकालेंगे और आयोग से सभी तथ्य एवं डेटा सार्वजनिक करने की मांग करेंगे।” उन्होंने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि वह इस मुद्दे को दबाने की कोशिश कर रही है।
प्रमोद तिवारी ने स्पष्ट कहा कि यदि निर्वाचन आयोग के पास सभी डेटा मौजूद है, तो उसे सार्वजनिक करने में कोई हिचकिचाहट नहीं होनी चाहिए। उन्होंने इसे “लोकतांत्रिक अधिकार” बताते हुए कहा कि मतदाता सूची की पारदर्शिता चुनावी व्यवस्था की विश्वसनीयता की नींव है।
उन्होंने ‘ऑपरेशन सिंधु’ के संदर्भ में भी टिप्पणी करते हुए कहा कि इस तरह के मामलों पर भी सरकार को साफ-साफ बोलना चाहिए। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दावे पर प्रधानमंत्री से प्रतिक्रिया देने और सच सामने रखने की मांग करते हुए तिवारी ने कहा, “अगर सच आपके पास है, तो उसे छुपाना लोकतंत्र के साथ अन्याय है।”
कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि विपक्ष सभी मुद्दों पर एकजुट है और यदि आवश्यक हुआ तो इस मामले में देशव्यापी आंदोलन भी किया जाएगा।

Author: Bihar Desk
मुख्य संपादक (Editor in Chief)