रांची स्थित बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से दिल्ली के लिए उड़ान भरने वाली प्राइवेट एयर एम्बुलेंस दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस हादसे में विमान में सवार सभी सात लोगों की मौत हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक और हड़कंप का माहौल है।
हादसे की जांच के लिए एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) की टीम रवाना हो गई है, जबकि नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने भी दुर्घटना की आधिकारिक पुष्टि की है।
DGCA के मुताबिक विमान ने शाम 7:11 बजे रांची से उड़ान भरी थी और शाम 7:34 बजे तक उसका संपर्क कोलकाता एयर ट्रैफिक कंट्रोल से बना रहा। इसके बाद रडार और रेडियो संपर्क अचानक टूट गया। बताया गया कि विमान का संपर्क वाराणसी से करीब 100 नॉटिकल माइल दक्षिण-पूर्व में समाप्त हुआ।
बाद में रेस्क्यू को-ऑर्डिनेशन सेंटर सक्रिय किया गया और खोज अभियान शुरू हुआ। कुछ देर बाद चतरा और सिमरिया सीमा क्षेत्र के जंगलों में विमान के क्रैश होने की सूचना मिली। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हादसे के समय इलाके में खराब मौसम और बारिश थी, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद होगी।
चतरा के एसपी सुमित कुमार अग्रवाल ने बताया कि सर्च ऑपरेशन के दौरान खासियातू करमटांड़ जंगल में विमान का मलबा मिला है, जिसमें प्रोपेलर और इंजन के हिस्से भी शामिल हैं।
विमान में सवार थे 7 लोग:
विमान में दो पायलट और पांच अन्य लोग सवार थे। मृतकों में —
कैप्टन विवेक विकास बिलागत (पायलट)
कैप्टन सवरदीप सिंह (पायलट)
संजय कुमार (मरीज)
अर्चना देवी (अटेंडेंट)
धुरु कुमार (अटेंडेंट)
डॉ. विकास कुमार गुप्ता (डॉक्टर)
सचिन कुमार मिश्रा (पैरामेडिक)
जिला प्रशासन और संबंधित एजेंसियां मौके पर जांच और राहत कार्य में जुटी हैं।
@MUSKAN KUMARI







