मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई कैबिनेट बैठक में प्रदेश के शिक्षकों को बड़ी राहत दी गई है। अब शिक्षक भी राज्य कर्मचारियों की तरह कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ उठा सकेंगे। इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद 11.92 लाख से अधिक शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक और रसोइया इस योजना के दायरे में आएंगे। यह सुविधा आयुष्मान व्यवस्था के माध्यम से लागू की जाएगी, जिस पर 358.61 करोड़ रुपये का खर्च आएगा।
बैठक में माध्यमिक शिक्षा विभाग के कर्मचारियों को भी कैशलेस इलाज की सुविधा देने का फैसला लिया गया है, जिससे 2.97 लाख से अधिक कर्मचारी लाभांवित होंगे। इस पर सरकार को 89.25 करोड़ रुपये का व्यय भार पड़ेगा। हालांकि, जो कर्मचारी पहले से किसी अन्य सरकारी स्वास्थ्य योजना से आच्छादित हैं, उन्हें इसका लाभ नहीं मिलेगा। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री ने बीते वर्ष शिक्षक दिवस पर इस योजना की घोषणा की थी।
कैबिनेट बैठक में कुल 32 में से 30 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। अन्य अहम फैसलों में शहरी पुनर्विकास नीति 2026 को स्वीकृति, नक्शा पास कराने की प्रक्रिया को सरल बनाना और विकास शुल्क के संशोधित दर लागू करना शामिल है। इसके अलावा बरेली और मुरादाबाद में विज्ञान पार्क और नक्षत्रशाला स्थापित करने का भी निर्णय लिया गया।
बैठक में आपदा प्रभावित परिवारों के पुनर्वास को भी मंजूरी दी गई। बहराइच सहित अन्य क्षेत्रों में आपदा से प्रभावित परिवारों को भूमि का पट्टा और मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत आवास उपलब्ध कराया जाएगा। 136 परिवारों को खेती के लिए भी आवश्यकतानुसार भूमि पट्टा दिए जाने का निर्णय लिया गया है।
@MUSKAN KUMARI







