महाराष्ट्र की जनता ने एक बार फिर ‘वास्तविक शिवसेना’ पर भरोसा जताया है। जिला परिषद चुनावों के नतीजों ने स्पष्ट कर दिया है कि उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की ग्रामीण महाराष्ट्र पर केंद्रित रणनीति पूरी तरह सफल रही।
12 जिलों में शिवसेना द्वारा लड़ी गई 387 सीटों में से पार्टी ने 162 सीटों पर शानदार जीत दर्ज की है, जबकि उद्धव ठाकरे गुट (यूबीटी) को इन जिलों में केवल 43 सीटों से संतोष करना पड़ा। यह प्रदर्शन 2017 के जिला परिषद चुनावों से भी बेहतर माना जा रहा है, जब अविभाजित शिवसेना ने इन्हीं जिलों में 148 सीटें जीती थीं।
इसके साथ ही पंचायत समिति चुनावों में भी शिवसेना ने 302 सीटों पर विजय प्राप्त कर अपनी मजबूत पकड़ साबित की है, जबकि यूबीटी को मात्र 89 सीटें मिलीं। ग्रामीण और शहरी—दोनों क्षेत्रों में मिले जनसमर्थन ने यह संकेत दिया है कि शिवसेना की जड़ें अब और मजबूत हुई हैं।
पार्टी नेताओं का कहना है कि शिवसेना की विचारधारा बालासाहेब ठाकरे की विरासत से जुड़ी है और यह ऐतिहासिक जीत उसी सपने को आगे बढ़ाती है, जिसमें शिवसेना हर गांव तक पहुंचती है। इस जीत को स्थानीय निकाय चुनावों में पार्टी की ‘हैट्रिक’ के रूप में देखा जा रहा है।
@MUSKAN KUMARI







