प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के राष्ट्रपति महामहिम शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान सोमवार को आधिकारिक भारत यात्रा पर पहुंचे। बीते दस वर्षों में यह उनकी पांचवीं और राष्ट्रपति के रूप में तीसरी भारत यात्रा है। इस दौरान दोनों नेताओं ने भारत–यूएई व्यापक रणनीतिक साझेदारी की विस्तृत समीक्षा की और इसे और मजबूत करने पर सहमति जताई।
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति शेख मोहम्मद ने 2022 में हुए व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (सीईपीए) के बाद व्यापार में आई तेज़ वृद्धि का स्वागत किया। वित्त वर्ष 2024-25 में द्विपक्षीय व्यापार 100 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया है। दोनों देशों ने 2032 तक इसे दोगुना कर 200 अरब डॉलर करने का लक्ष्य तय किया।
नेताओं ने एमएसएमई सहयोग, निवेश, बुनियादी ढांचे, खाद्य सुरक्षा, ऊर्जा, रक्षा, अंतरिक्ष, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल भुगतान, शिक्षा और संस्कृति जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई। गुजरात के धोलेरा स्पेशल इन्वेस्टमेंट रीजन में यूएई की संभावित भागीदारी, गिफ्ट सिटी में वित्तीय संस्थानों की स्थापना और नए इंफ्रास्ट्रक्चर फंड में निवेश पर भी चर्चा हुई।
ऊर्जा क्षेत्र में भारत की सुरक्षा को मजबूत करते हुए एचपीसीएल और एडीएनओसी गैस के बीच 10 वर्षीय एलएनजी आपूर्ति समझौते का स्वागत किया गया। वहीं रक्षा और सुरक्षा सहयोग को व्यापक रणनीतिक साझेदारी का अहम स्तंभ बताते हुए आतंकवाद के सभी रूपों की कड़ी निंदा की गई।
दोनों देशों ने शिक्षा, युवा आदान-प्रदान, सांस्कृतिक सहयोग और वैश्विक मंचों पर आपसी समर्थन को और गहरा करने का संकल्प दोहराया। यह यात्रा भारत–यूएई संबंधों को नई गति देने और भविष्य की साझेदारी की मजबूत नींव रखने वाली मानी जा रही है।
@MUSKAN KUMARI







