नई दिल्ली। भारत-फ्रांस संबंधों को नई दिशा देने के उद्देश्य से नरेंद्र मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के भारत दौरे का स्वागत किया है। तीन दिवसीय इस यात्रा के दौरान दोनों देश द्विपक्षीय और रणनीतिक सहयोग को और मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण बैठकों और कार्यक्रमों में भाग लेंगे।
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर संदेश जारी कर कहा कि भारत फ्रांसीसी राष्ट्रपति के आगमन से आपसी रिश्तों को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की उम्मीद कर रहा है। उन्होंने कहा कि अलग-अलग क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने और वैश्विक प्रगति को आगे बढ़ाने में यह यात्रा अहम साबित होगी।
फ्रांसीसी राष्ट्रपति और उनकी पत्नी ब्रिजिट मैक्रों मंगलवार को मुंबई पहुंचे, जहां उनका स्वागत महाराष्ट्र के राज्यपाल आचार्य देवव्रत और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने किया। यात्रा के दौरान वे बाद में दिल्ली भी जाएंगे।
एआई और नवाचार सहयोग पर जोर
दोनों नेता इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में संयुक्त रूप से भाग लेंगे, जहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल गवर्नेंस और साइबर सुरक्षा में साझेदारी बढ़ाने पर चर्चा होगी। भारत-फ्रांस नवाचार फोरम के तहत स्टार्ट-अप, उच्च शिक्षा और अनुसंधान में संयुक्त परियोजनाओं पर भी महत्वपूर्ण फैसले होने की संभावना है।
रक्षा सहयोग में बड़ा कदम
इस यात्रा का सबसे बड़ा सामरिक आकर्षण 114 राफेल लड़ाकू विमानों का संभावित मेगा रक्षा सौदा माना जा रहा है, जिसकी लागत लगभग 3.25 लाख करोड़ रुपये बताई जा रही है। इसके अलावा दोनों नेता कर्नाटक के वेमगल में टाटा समूह और एयरबस की एच125 लाइट यूटिलिटी हेलिकॉप्टर असेंबली लाइन का उद्घाटन भी करेंगे।
वैश्विक और सामरिक मुद्दों पर चर्चा
प्रधानमंत्री और फ्रांसीसी राष्ट्रपति के बीच रक्षा, उभरती प्रौद्योगिकी, हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा, संयुक्त नौसैनिक अभ्यास, खुफिया साझेदारी, अंतरिक्ष, परमाणु ऊर्जा और वैश्विक भू-राजनीतिक मुद्दों पर भी विस्तृत वार्ता होगी। हाल के वर्षों में फ्रांस और भारत के संबंध रणनीतिक साझेदारी से आगे बढ़कर व्यापक वैश्विक सहयोग के रूप में विकसित हुए हैं।
@MUSKAN KUMARI






